कोरोना वैक्सीनेशन 3 दिन शेष: कोविशील्ड के बाद भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की डिलीवरी शुरू, 11 शहरों में पहुंची पहली खेप

कोरोना वैक्सीनेशन 3 दिन शेष: कोविशील्ड के बाद भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की डिलीवरी शुरू, 11 शहरों में पहुंची पहली खेप

Bhaskar Hindi
Update: 2021-01-13 12:48 GMT
कोरोना वैक्सीनेशन 3 दिन शेष: कोविशील्ड के बाद भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की डिलीवरी शुरू, 11 शहरों में पहुंची पहली खेप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में 3 दिन बाद कोरोना वैक्सीनेशन का काम शुरू हो जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड के बाद अब भारत बायोटेक ने भी कोवैक्सीन की डिलीवरी शुरू कर दी है। कोवैक्सिन की पहली खेप बुधवार सुबह 6.40 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से हैदराबाद से दिल्ली भेजी गई। दिल्ली के अलावा बेंगलुरु, चेन्नई, पटना, जयपुर, लखनऊ, रांची, कुरूक्षेत्र, कोच्चि समेत 11 शहरों में इसकी पहली खेप पहुंचा दी गई है। बता दें कि देश में 16 जनवरी से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली इसकी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर वैक्सीनेशन से संबंधित Co-Win ऐप भी लॉन्च करेंगे।

जयपुर - कोवैक्सीन पहुंची, कोविशील्ड शाम तक पहुंचेगी
एयर एशिया के विमान से कोवैक्सीन की 60,000 डोज सुबह 11 बजे जयपुर पहुंची। इन्हें एयरपोर्ट से सीधे आदर्श नगर स्थित स्टेट ड्रग स्टोर लाया गया। कोविशील्ड के डोज भी आज शाम करीब पांच बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने की उम्मीद है।

सूरत - कोवैक्सीन के 93,500 खुराक पहुंची
कोवैक्सीन की पहली खेप सड़क मार्ग के जरिए पुणे से सूरत पहुंची। इसमें 93,500 डोज हैं। इन्हें सूरत के सिविल अस्पताल में रखा गया है। वैक्सीन से भरे ट्रक का स्वागत मंत्रियों और अधिकारियों ने किया। इसस पहले कोविशील्ड की पहली खेप मंगलवार को अहमदाबाद पहुंच चुकी है।

रांची - कोवैक्सीन के 16,200 वायल्स पहुंचे
कोवैक्सीन की पहली खेप बुधवार 9 बजकर दो मिनट पर विशेष विमान से रांची एयरपोर्ट पहुंची। यहां से इन्हें नामकुम स्थित स्टेट वेयर हाउस पहुंचाया गया। एयरपोर्ट से वेयर हाउस की 11 किलोमीटर की दूरी को 32 मिनट में तय किया गया। पहली खेप में झारखंड को 16,200 वायल्स मिले हैं।

भोपाल - कोविशील्ड के 94,000 डोज पहुंचे
सुबह 11 बजे कोविशील्ड के 94,000 डोज भोपाल पहुंचे। यहां से मध्यप्रदेश के 24 जिलों में वैक्सीन भेजी जाएगी। सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कई शहरों में बुधवार तक पहुंचेगी।

करनाल - चार लाख खुराक पहुंची
यहां कल देर रात कोविशील्ड वैक्सीन की चार लाख खुराकें भेजी। इन्हें करनाल स्थित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के वेयर हाउस में रखा गया है। 

चंडीगढ़ - 20,450 वायल्स भेजे गए
कोविशील्ड की पहली खेप देर रात यहां पहुंची। सेक्टर 24 के स्टेट वैक्सीन स्टोर में रखा गया। इसमें 20,450 शीशियां हैं, हर शीशी में दस डोज हैं। राज्य सरकार ने यहां मुफ्त में वैक्सीन लगाने का एलान किया है।

मुंबई - 1.39 लाख डोज भेजी गईं
कोविशील्ड की पहली खेप बुधवार को मुंबई पहुंची। इस खेप में 1.39 लाख डोज हैं। यहां निगम के अधिकारियों ने वैक्सीन की पूजा की। इन्हें परेल स्थित एक साउथ वार्ड में रखा गया है। यहां से शहर के अलग-अलग में हिस्सों में ले जाया जाएगा।

दिल्ली: केजरीवाल की मांग- केंद्र फ्री में दे वैक्सीन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फ्री में वैक्सीन उपलब्ध कराना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तब भी हम दिल्ली में फ्री में वैक्सीनेशन करेंगे।

सरकार ने कोवैक्सीन के 55 लाख डोज का ऑर्डर दिया
ड्रग रेग्युलेटर ने कोवैक्सीन और कोवीशील्ड के इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने कोवैक्सिन के 55 लाख और कोवीशील्ड के 1.1 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है।

भारत बायोटेक सरकार को 16.5 लाख डोज फ्री देगी
भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर कोवैक्सीन बनाई है। कंपनी सरकार को 16.5 लाख डोज फ्री देगी, इसके बाद 38.5 लाख वैक्सीन के हर डोज के लिए 295 रुपए चार्ज किए जाएंगे। 
वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के CEO अदार पूनावाला ने मंगलवार को कहा कि कोवीशील्ड के 10 करोड़ डोज सरकार को 200 रुपए के स्पेशल रेट पर दिए जाएंगे, जबकि बाजार में वैक्सीन की कीमत 1000 रुपए होगी।

कोवीशील्ड के दोनों डोज की एफिकेसी 70% रही
कोवीशील्ड को एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है। भारत में SII सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोवीशील्ड का प्रोडक्शन कर रही है। इसका जब हाफ डोज दिया गया तो इफिकेसी 90% रही। एक महीने बाद फुल डोज में इफिकेसी 62% रही। दोनों तरह के डोज में औसत इफिकेसी 70% रही। कोवीशील्ड के पांच करोड़ डोज तैयार हैं।
कोवैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे अभी नहीं आए हैं। फेज-2 ट्रायल्स के नतीजों के अनुसार कोवैक्सीन की वजह से शरीर में बनी एंटीबॉडी 6 से 12 महीने तक कायम रहेंगी। कोवैक्सिन के दो करोड़ डोज तैयार हैं।

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