PM मोदी का बयान- अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा 'कोलकाता पोर्ट'

PM मोदी का बयान- अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा 'कोलकाता पोर्ट'

Bhaskar Hindi
Update: 2020-01-12 03:48 GMT
हाईलाइट
  • कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के कार्यक्रम में होंगे शामिल पीएम मोदी
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कोलकाता दौरे का दूसरा दिन
  • शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी से की थी मुलाकात

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी कोलकत्ता यात्रा के दूसरे दिन की शुरूआत बेलूर मठ (रामकृष्ण मंदिर) में विशेष पूजा अर्चना के साथ की। इस दौरान पीएम मोदी ने ध्यान भी लगाया। पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंदर की 157 वीं जयंती पर याद करते हुए कहा, युवा के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद कहा करते थे। मनुष्य को हमेशा ऊर्जावान रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, हमें स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमें हमेशा याद रखनी होगी जब वो कहते थे कि “अगर मुझे सौ ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो मैं भारत को बदल दूंगा”। यानि परिवर्तन के लिए हमारी ऊर्जा, कुछ करने का जोश ही आवश्यक है।

बेलूर मठ में अपना संबोधन देने के बाद पीएम मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के स्थापना के 150वें वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित किया। बता दें कि शनिवार को पीएम मोदी हावड़ा ब्रिज पर लाइट एंड साउंड शो के बाद नाव से बेलूर मठ पहुंचे और उन्होंने यहां संतों से मुलाकात की। इसके अलावा वे पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से भी उन्होंने मुलाकात की थी।

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर पीएम का संबोधन
कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मां गंगा के सानिध्य में, गंगासागर के निकट, देश की जलशक्ति के इस ऐतिहासिक प्रतीक पर, इस समारोह का हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है। कोलकाता पोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए आज सैकड़ों करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया है। आदिवासी बेटियों की शिक्षा और कौशल विकास के लिए हॉस्टल और स्किल डेवलपमेंट सेंटर का शिलान्यास हुआ है।

इस पोर्ट ने भारत को विदेशी राज से स्वराज पाते देखा है। सत्याग्रह से लेकर स्वच्छाग्रह तक इस पोर्ट ने देश को बदलते हुए देखा है।ये पोर्ट सिर्फ मालवाहकों का ही स्थान नहीं रहा, बल्कि देश और दुनिया पर छाप छोड़ने वाले ज्ञानवाहकों के चरण भी यहां पड़े हैं। एक प्रकार से कोलकाता का ये पोर्ट भारत की औद्योगिक, आध्यात्मिक और आत्मनिर्भरता की आकांक्षा का प्रतीक है। ऐसे में जब ये पोर्ट डेढ़ सौवें साल में प्रवेश कर रहा है, तब इसको न्यू इंडिया के निर्माण का भी एक प्रतीक बनाना आवश्यक है।

पश्चिम बंगाल की, देश की इसी भावना को नमन करते हुए मैं कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम, भारत के औद्योगीकरण के प्रणेता, बंगाल के विकास का सपना लेकर जीने वाले और एक देश, एक विधान के लिए बलिदान देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा करता हूं। बंगाल के सपूत, डॉक्टर मुखर्जी ने देश में औद्योगीकरण की नींव रखी थी। चितरंजन लोकोमोटिव फैक्ट्री, हिन्दुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री, सिंदरी फर्टिलाइज़र कारखाना और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन, ऐसे अनेक बड़ी परियोजनाओं के विकास में डॉक्टर मुखर्जी का बहुत योगदान रहा है। 

आज के इस अवसर पर, मैं बाबा साहेब आंबेडकर को भी याद करता हूं, उन्हें नमन करता हूं। डॉक्टर मुखर्जी और बाबा साहेब, दोनों ने स्वतंत्रता के बाद के भारत के लिए नई नीतियां दी थीं, नया विजन दिया था, लेकिन ये देश का दुर्भाग्य रहा कि डॉक्टर मुखर्जी और बाबा साहेब के सरकार से हटने के बाद, उनके सुझावों पर वैसा अमल नहीं किया गया, जैसा किया जाना चाहिए था।

गुजरात के लोथल पोर्ट से लेकर कोलकाता पोर्ट तक देखें, तो भारत की लंबी कोस्ट लाइन से पूरी दुनिया में व्यापार-कारोबार होता था और सभ्यता, संस्कृति का प्रसार भी होता था। हमारी सरकार ये मानती है कि हमारे Coasts, विकास के Gateways हैं। इसलिए सरकार ने Coasts पर कनेक्टिविटी और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए सागरमाला कार्यक्रम शुरू किया। इस योजना के तहत करीब 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक के पौने 6 सौ प्रोजेक्ट्स की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और लगभग सवा सौ पूरे भी हो चुके हैं। 

इस वर्ष हल्दिया में मल्टीमॉडल टर्मिनल और फरक्का में नेविगेशनल लॉक को तैयार करने का प्रयास है। साल 2021 तक गंगा में बड़े जहाज़ भी चल सकें, इसके लिए भी ज़रूरी गहराई बनाने का काम प्रगति पर है। नदी जलमार्ग की सुविधाओं के बनने से कोलकाता पोर्ट पूर्वी भारत के औद्योगिक सेंटर्स से तो जुड़ा ही है, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों के लिए व्यापार और आसान हुआ है।

बेलूर मठ में बोले पीएम मोदी 
आप सभी को स्वामी विवेकानंद जयंती के इस पवित्र अवसर पर, राष्ट्रीय युवा दिवस पर, बहुत-बहुत शुभकामनाएं। देशवासियों के लिए बेलूर मठ की इस पवित्र भूमि पर आना किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं है, लेकिन मेरे लिए तो हमेशा से ही ये घर आने जैसा ही है। पिछली बार जब यहां आया था तो गुरुजी, स्वामी आत्मआस्थानंद जी के आशीर्वचन लेकर गया था। आज वो शारीरिक रूप से हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं। लेकिन उनका काम, उनका दिखाया मार्ग, रामकृष्ण मिशन के रूप में सदा हमारा मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। 

स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमें हमेशा याद रखनी होगी जब वो कहते थे कि “अगर मुझे सौ ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो मैं भारत को बदल दूंगा”। यानि परिवर्तन के लिए हमारी ऊर्जा, कुछ करने का जोश ही आवश्यक है। युवा जोश, युवा ऊर्जा ही 21वीं सदी के इस दशक में भारत को बदलने का आधार है। नए भारत का संकल्प, आपके द्वारा ही पूरा किया जाना है। ये युवा सोच ही है जो कहती है कि समस्याओं को टालो नहीं, उनसे टकराओ, उन्हें सुलझाओ। 

मैं फिर कहूंगा, सिटिजनशिप एक्ट, नागरिकता लेने का नहीं, नागरिकता देने का कानून है और सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट, उस कानून में सिर्फ एक संशोधन है। इतनी स्पष्टता के बावजूद, कुछ लोग सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। मुझे खुशी है कि आज का युवा ही ऐसे लोगों का भ्रम भी दूर कर रहा है। और तो और, पाकिस्तान में जिस तरह दूसरे धर्म के लोगों पर अत्याचार होता है, उसे लेकर भी दुनिया भर में आवाज हमारा युवा ही उठा रहा है। इसी रास्ते पर चलते हुए हम भारत को विश्व पटल पर अपने स्वभाविक स्थान पर देख पाएंगे। यही स्वामी विवेकानंद की भी हर भारतवासी से अपेक्षा थी और यही इस संस्थान के भी मूल में है। 

स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए बोले पीएम मोदी
स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए शनिवार को पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमेशा याद रखनी है, जो उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी में कुछ लोगों से संवाद के दौरान कही थी। स्वामी विवेकानंद ने उन्हें कहा था, अभी वर्तमान सदी भले ही आपकी है, लेकिन 21वीं सदी भारत की होगी" मोदी ने कहा कि बिप्लोबी भारत नाम से एक म्यूजियम बनाया जाना चाहिए, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, अरबिंदो घोष, रास बिहारी बोस, खुदीराम बोस, देशबंधु, बाघा जतीन, बिनॉय दिनेश इन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को जगह दी जानी चाहिए।

 

बेलूर मठ प्रधानमंत्री मोदी ने पूजा अर्चना के बाद लगाया ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेलूर मठ में साधु-संतों के बीच जाकर की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह-सुबह रामकृष्ण मंदिर पहुंचे यहां पर उन्होंने पूजा अर्चना की। बता दें कि आज स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन भी है। इस मौके पर पीएम मोदी यहां लगभग 5 से 6 हजार छात्रों को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेलूर मठ में साधु-संतों के साथ गुजारे गए पलों की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की।

 

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