अलवर रेप को लेकर पीएम का मायावती पर हमला- मगरमच्छ के आंसू न बहाए, कांग्रेस से समर्थन वापस लें

अलवर रेप को लेकर पीएम का मायावती पर हमला- मगरमच्छ के आंसू न बहाए, कांग्रेस से समर्थन वापस लें

Bhaskar Hindi
Update: 2019-05-12 12:21 GMT
अलवर रेप को लेकर पीएम का मायावती पर हमला- मगरमच्छ के आंसू न बहाए, कांग्रेस से समर्थन वापस लें

डिजिटल डेस्क, देवरिया। राजस्थान के अलवर में हुई गैंगरेप की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती पर तीखा हमला बोला, "मगरमच्छ के आंसू बहाने" का आरोप लगाते हुए पीएम ने मायवती से कहा कि अगर वह गंभीर है तो उनकी पार्टी राजस्थान में कांग्रेस सरकार से आज ही समर्थन वापस लें।

जवाबी हमले में, मायावती ने प्रधानमंत्री पर घटना को लेकर "गंदी राजनीति" का सहारा लेने का आरोप लगाया और कहा कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है तो बसपा आवश्यक राजनीतिक निर्णय लेगी। बता दें कि राजस्थान में अलवर जिले के थानागाजी इलाके में 26 अप्रैल को एक दलित महिला के साथ पांच लोगों द्वारा कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया था। इस घटना का एक वीडियो अपराधियों ने शूट किया था और रिपोर्ट करने पर सार्वजनिक करने की धमकी दी थी। जिसके बाद दंपति ने 2 मई को पुलिस को मामले की सूचना दी थी।

इससे पहले शनिवार को मयावती ने कहा था, यह दलित समुदाय और महिलाओं के लिए दुखी और चिंतित करने वाली बात है कि राजस्थान में एक दलित महिला का उसके पति के सामने कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया था, लेकिन जो बात ज्यादा दुखद और गंभीर है, वह यह है कि पीड़ित परिवार को धमकी देकर, कांग्रेस सरकार ने उनके राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस मुद्दे को अलवर में वोटिंग होने तक प्रकाश में नहीं आने दिया।

पीएम ने कहा, "बहन जी आपके साथ गेस्ट हाउस में जो हुआ था उससे सारे देश की बहनों और बेटियों को पीड़ा हुई थी।" उन्होंने कहा, "कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाए अगर आप बेटियों की रक्षा के प्रति इतनी ही ईमानदार हैं तो आज ही, इसी समय राजस्थान के राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस क्यों नहीं ले लेती।" पीएम ने कहा, "एक दलित बेटी का गैंगरेप हुआ है और वहां कांग्रेस की सरकार है जिसे बीएसपी का समर्थन प्राप्त है।"

पीएम ने कहा, बेटियों पर अत्याचार करने वाले, राक्षसी प्रवृत्ति के लोगों को सजा देने के लिए आपके इस चौकीदार ने फांसी की सजा का प्रावधान किया है। कांग्रेस सरकार की भी नीयत सही होती तो अलवर में जो हुआ उसे छिपाने में, दबाने में नहीं लगती। भ्रष्टाचार हो, महंगाई हो या 1984 में हजारों सिखों का कत्ल हुआ हो इनका जवाब यही होता है- "हुआ तो हुआ"। जिस अहंकार में ये लोग कहते हैं "हुआ तो हुआ" वो इन लोगों ने देश की सरकार को मशीनरी का हिस्सा बना दिया।
 

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