Rajasthan crisis: सचिन पायलट खेमे को राहत, स्पीकर के नोटिस पर HC ने स्टे लगाया

Rajasthan crisis: सचिन पायलट खेमे को राहत, स्पीकर के नोटिस पर HC ने स्टे लगाया

Bhaskar Hindi
Update: 2020-07-24 04:56 GMT
Rajasthan crisis: सचिन पायलट खेमे को राहत, स्पीकर के नोटिस पर HC ने स्टे लगाया
हाईलाइट
  • सचिन पायलट खेमे के विधायकों को हाईकोर्ट से राहत मिली
  • हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य बागी कांग्रेस विधायकों को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। अब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में तय होगा, क्योंकि स्पीकर ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सोमावार को सुनवाई करेगा।

उधर, सचिन पायलट ख़ेमे के विधायक पृथ्वीराज मीणा ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने किया था सुप्रीम कोर्ट का रुख
बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने पिछली सुनवाई में दिए हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को झटका देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की सुनवाई को रोकने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईकोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। सुनवाई के दौरान स्पीकर के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था, "कोर्ट तब तक कोई दखल नहीं दे सकता, जब तक कि विधायकों को अयोग्य नहीं ठहरा दिया जाए। जस्टिस अरुण मिश्र समेत तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

इन विधायकों को मिला नोटिस:
सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पीआर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत।

टाइमलाइन:
-14 जुलाई: सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्यता का नोटिस दिया और 17 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक जवाब मांगा।

-16 जुलाई: सभी 19 विधायकों ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। उधर, व्हिप चीफ महेश जोशी ने सरकार की तरफ से कैविएट लगा दी कि कोई भी फैसला किए जाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।

-17 जुलाई: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की और दो जजों की बेंच में मामला भेजा। इस बेंच ने 18 जुलाई को सुनवाई तय की।

-18 जुलाई: हाईकोर्ट ने स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करें और अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की। 

-20 जुलाई: हाईकोर्ट ने बहस पूरी न हो पाने के कारण कहा- 21 जुलाई को भी सुनवाई होगी।

-21 जुलाई: हाईकोर्ट ने 24 जुलाई के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी तब तक के लिए कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा।

-22 जुलाई: स्पीकर सीपी जोशी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 

-23 जुलाई: कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। शाम को पायलट खेमे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की।

-24 जुलाई: हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता को नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। 

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