दैनिक भास्कर हिंदी: जब जूते के डॉक्टर पर पड़ी आनंद महिंद्रा की नजर, अब ऐसे करेंगे मदद

May 2nd, 2018


 

डिजिटल डेस्क, मुंबई । कहते हैं अगर कोई भी काम शिद्दत से किया जाए तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। ऐसा ही कुछ हुआ एक जूतों के डॉक्टर यानी एक 'मोची' के साथ। शख्स का नाम है नरसीराम, दुनिया की नजर में चाहे ये मोची हों, लेकिन खुद अपनी नजरों में ये जूतों के डॉक्टर हैं, जो हर तरह के जूते को ठीक कर सकते हैं। इसलिए इन्होंने बाकायदा अपनी काम करने वाली जगह पर पोस्टर लगावाए हैं, जिस पर लिखा है 'जख्मी जूतों का अस्पताल'। इनकी इस मार्केटिंग स्किल और कॉन्फिडेंस को भले ही दुनिया ने तवज्जो ना दी हो, लेकिन देश की सबसे बड़ी कंपनी में से एक महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को इनका ये अंदाज इस कदर भा गाया कि उन्होंने नरसीराम की मार्केटिंग स्किल को बढ़ावा देने का मन बना लिया। फिर क्या था महिंद्रा ग्रुप ने डॉ नरसीराम की खोज शुरू कर दी और अपनी खोज में कामयाब भी रही।  

मार्केटिंग स्किल से इंप्रेस हुए आनंद महिंद्रा

दरअसल आनंद महिंद्रा चाहते थे कि डॉ नरसीराम अपनी मार्केटिंग स्किल के लिए 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट-IIM' को लेक्चर दें और वो भी जानते हैं कि इतनी बेहतर स्किल के शख्स की जगह सड़क पर नहीं हो सकती, इसलिए वो नरसीराम की मदद करना चाहते हैं। नरसीराम की तस्वीर को उन्होंने पिछले दिनों ट्वीट भी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था, "इस इंसान को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग के कोर्स को पढ़ाना चाहिए।"

 

 

 

 

सोशल मीडिया से खोज निकाला जूतों का डॉक्टर

इनकी इस तस्वीर को ट्वीट करते हुए आनंद महिंद्रा ने नरसीराम की मदद करने की मंशा जाहिर की थी। दो हफ्ते से भी कम समय में उनकी टीम हरियाणा में उस शख्स को ढूंढ निकालने में कामयाब रही। जैसा कि महिंद्रा ने अपने ट्वीट में जाहिर किया था कि उनकी टीम इस शख्स की बेहतर तरीके से मदद करने की मंशा भी रखती है। 

 

आनंद महिंद्रा अनूठे तरीके से करने वाले हैं मदद

सोशल मीडिया पर वायरल हुई डॉ नरसीराम के अस्पताल की जिस तस्वीर से आनंद महिंद्रा प्रभावित थे, उसमें एक बूढ़ा शख्स जूतों के मरम्मत करने की दुकान को अस्पताल की तरह लगाए हुए बैठा है। अब आनंद महिंद्रा इस शख्स की मदद एक अनूठे तरीके से करने वाले हैं और इसलिए उन्होंने और उनकी टीम ने हरियाणा नरसीराम को ढूंढ निकाला। 
बता दें कि 17 अप्रैल को महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने इस तस्वीर को ट्वीट किया था,  62 साल के दिग्गज बिजनेस आइकन को इस 'जूतों के डॉक्टर' की अनूठी मार्केटिंग स्ट्रैटजी ने काफी लुभाया। दुकान के पीछे पीले रंग के इश्तिहार में अस्पताल की टाइम टेबल की तरह रूटीन बनी हुई नजर आ रही है। इश्तिहार में खुद को डॉ नरसीराम बताने वाले इस शख्स ने अपनी दुकान को 'घायल' जूतों के लिए 'अस्पताल' के रूप में प्रोजेक्ट किया है।

 

 

 

 

मोबाइल वैन गिफ्ट कर नरसीराम के काम को देंगे बढ़ावा

नरसीराम ने आनंद महिंद्रा की टीम से रुपए मांगने के बाजाए काम करने की बेहतर जगह की जरूरत के बारे में अपनी मंशा जाहिर की। आनंद महिंद्रा ने मुंबई स्थित अपने डिजाइन स्टूडियो की टीम को नरसीराम के लिए एक चलती-फिरती दुकान तैयार करने को कहा है। उन्होंने सड़क पर सामान बेचने वाले लोगों के लिए चलती-फिरती दुकानों के आइडिया को सामने रखा है जिससे उनका काम और बेहतर तरीके और सुंदरता से हो सकेगा।