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कोरोना के चलते मई में 40 फीसदी घटा खाद्य तेल का आयात

June 04th, 2020 15:30 IST
 कोरोना के चलते मई में 40 फीसदी घटा खाद्य तेल का आयात

हाईलाइट

  • कोरोना के चलते मई में 40 फीसदी घटा खाद्य तेल का आयात

मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। भारत ने इस साल मई मंे पिछले साल के मुकाबले 40 फीसदी कम खाने के तेल का आयात किया। खाद्य तेल उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी एसईए ने गुरुवार को कहा कि इस साल मई में खाद्य तेल का आयात 2011 के बाद सबसे कम हुआ है।

उद्योग संगठन के मुताबिक, कोरोना काल में देश में होटल, रेस्तरां और कैंटीन के बंद रहने के कारण होरेका सेगमेंट की मांग नदारद रही जिसके चलते खाद्य तेल के आयात में कमी आई है।

खाद्य तेल उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी एसईए द्वारा संकलित आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल मई में भारत ने 707478 टन खाने के तेल का आयात किया है जबकि पिछले साल मई महीने में खाद्य तेल का आयात 1180786 टन हुआ था। इस प्रकार खाने के तेल के आयात में पिछले साल के मुकाबले मई महीने में 40 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि तेल तिलहन सीजन 2019-20 नवंबर-अक्टूबरके दौरान आरंभिक सात महीने यानी नवंबर से मई तक भारत ने पिछले साल के मुकाबले 18 फीसदी कम खाने के तेल का आयात किया है।

चालू सीजन के शुरुआती सात महीने में खाद्य तेल का आयात 6889662 टन हुआ है जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान खाने के तेल का आयात 8384616 टन हुआ था।

एसईए के कार्यकारी निदेशक डॉ. बीवी मेहता ने एक बयान में कहा कि होटल, रेस्तरा, कैंटीन बंद होने और सार्वजनिक समारोहों का आयोजन नहीं होने के कारण होरेका सेगमेंट की मांग नदारद रही जिसके चलते अप्रैल और मई में खाने के तेल का आयात कम हुआ।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।