comScore

अगस्त में फैक्ट्री आउटपुट 1.1% घटी, 7 सालों में सबसे खराब प्रदर्शन

October 12th, 2019 12:16 IST
अगस्त में फैक्ट्री आउटपुट 1.1% घटी, 7 सालों में सबसे खराब प्रदर्शन

हाईलाइट

  • अगस्त 2019 में इंडस्ट्रियल आउटपुट ग्रोथ में 1.1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है
  • सात सालों में आईआईपी का ये सबसे खराब प्रदर्शन है
  • दो साल से अधिक समय में पहली बार आईआईपी नेगेटिव टेरिटरी में पहुंची है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अगस्त 2019 में इंडस्ट्रियल आउटपुट ग्रोथ (आईआईपी) ग्रोथ में 1.1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। सात सालों में आईआईपी का ये सबसे खराब परफॉर्मेंस है। दो साल से अधिक समय में पहली बार आईआईपी नेगेटिव टेरिटरी में पहुंची है। IIP में अगस्त 2018 में 4.8 फीसदी की ग्रोथ देखी गई थी। IIP में पिछला लो नवंबर 2012 में (-) 1.7 फीसदी था। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मैन्युफैक्चरिंग, कैपिटल गुड्स, पावर जेनरेशन और माइनिंग सेक्टर का खराब प्रदर्शन रहा।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, जो कि आईआईपी में 77 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है, ने अगस्त 2019 के दौरान आउटपुट में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। जबकि पिछले साल इसी महीने में 5.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी। मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में पिछला लो अक्टूबर 2014 में (-) 1.8 प्रतिशत दर्ज किया गया था। आंकड़ों से पता चला है कि बिजली उत्पादन की ग्रोथ भी नकारात्मक (-) 0.9 प्रतिशत रही, जो कि एक साल पहले इसी महीने में 7.6 प्रतिशत थी, जबकि खनन क्षेत्र की ग्रोथ 0.1 प्रतिशत फ्लैट रही।

अगस्त 2019 में कंज्यूमर ड्यूरेबल आउटपुर में भी 9.1 प्रतिशत की गिरावट आई है। अगस्त 2018 में इसमें 5.5 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई थी। एक और खराब प्रदर्शन वाला सेगमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर/कंस्ट्रक्शन गुड्स रहा।  अगस्त 2019 में इसमें 4.5 फीसदी की गिरावट देखी गई। पिछले साल इसी महीने में इस सेगमेंट में 8 फीसदी की ग्रोथ देखी गई थी। हालांकि, 'इंटरमीडिएट गुड्स' सेक्टर में 7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई, जो एक साल पहले के महीने में 2.9 फीसदी थी।

उधर, ऑटोमोबाइल सेक्टर भी मंदी की मार से जूझ रहा है। सोसाइटी ऑफ ऑटोमोबाइल सेल्स (सियाम) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चला है कि कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 39 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 58,419 वाहनों तक पहुंच गई है। यात्री वाहनों की बिक्री के आंकड़ों से साफ तौर से दिखाई दे रहा है कि ग्राहक अभी भी शोरूम से दूर हैं। यात्री वाहनों की बिक्री में सितंबर में 23.69 फीसदी की गिरावट आई और यह 2,23,317 वाहनों पर पहुंच गई।

दोपहिया वाहनों की बिक्री अक्सर ग्रामीण बाजारों की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए देखी जाती है, जिसमें 22.09 फीसदी की गिरावट आई है। यात्री कारों की बिक्री 33.4 फीसदी घटकर 131,281 वाहनों की रही। अगस्त में इसकी बिक्री 41 फीसदी घट गई थी। सितंबर 2019 में कुल मिलाकर घरेलू ऑटोमोबाइल की बिक्री 22.41 फीसदी घट गई।

फरवरी से लेकर अबतक प्रमुख दरों में की गई 135 आधार अंकों की कटौती और केंद्र सरकार द्वारा कॉरपोरेट कर कटौती सहित उठाए गए कई कदमों के बावजूद वाहन बिक्री में लगातार 10वें महीने गिरावट दर्ज की गई है।

कमेंट करें
TdVgb
NEXT STORY

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।