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रिकॉर्ड: पहली बार 75.8 करोड़ डॉलर बढ़ा देश का विदेशी मुद्रा भंडार, 586 अरब डॉलर की ऊंचाई पर पहुंचा

रिकॉर्ड: पहली बार 75.8 करोड़ डॉलर बढ़ा देश का विदेशी मुद्रा भंडार, 586 अरब डॉलर की ऊंचाई पर पहुंचा

हाईलाइट

  • 1 जनवरी को विदेशी मुद्रा भंडार 585.324 अरब डॉलर पहुंच गया था
  • FCA 15 करोड़ डॉलर बढ़कर 541.791 अरब डॉलर हुआ

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 75.8 करोड़ डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड पहली बार 586.082 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। ये अांकड़े  8 जनवरी तक के हैं। बता दें कि इससे पहले 1 जनवरी को खत्म सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.483 अरब डॉलर बढ़कर 585.324 अरब डॉलर पहुंच गया था। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार रिपोर्टिंग पीरियड में फोरेन करंसी एसेट्स (FCA) के बढ़ने की वजह से मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई। फोरेन करंसी एसेट्स, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होती है।

रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार FCA 15 करोड़ डॉलर बढ़कर 541.791 अरब डॉलर हो गया। FCA को दर्शाया डॉलर में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती है। आंकड़ों के अनुसार 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार मूल्य 56.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.594 अरब डॉलर हो गया था। देश को अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (IMF) में मिला विशेष आहरण अधिकार पिछले सप्ताह अपरिवर्तित रहने के बाद 50 लाख डॉलर बढ़कर 1.515 अरब डॉलर हो गया था, जबकि IMF के पास आरक्षित मुद्रा भंडार 3.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.181 अरब डॉलर हो गया है।

क्या होता है विदेशी मुद्रा भंडार
विदेशी मुद्रा भंडार देश के केंद्रीय बैंकों द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य एसेट्स होती हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का भुगतान करने में किया जाता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। यह आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में अर्थव्यवस्था को बहुत आवश्यक मदद उपलब्ध कराता है।

विदेशी मुद्रा भंडार के फायदे

  • साल 1991 में देश को पैसा जुटाने के लिए सोना गिरवी रखना पड़ा था। तब सिर्फ 40 करोड़ डॉलर के लिए भारत को 47 टन सोना इंग्लैंड के पास गिरवी रखना पड़ा था। लेकिन मौजूदा स्तर पर, भारत के पास एक वर्ष से अधिक के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त मुद्रा भंडार है। यानी इससे एक साल से अधिक के आयात खर्च की पूर्ति सरलता से की जा सकती है, जो इसका सबसे बड़ा फायदा है।
  • सरकार जरूरी सैन्य सामान की तत्काल खरीदी का निर्णय भी ले सकती है, क्योंकि भुगतान के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा उपलब्ध है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को कम करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।