comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

पीएमसी बैंक जमाकर्ताओं ने मांगा 5,000 करोड़ का पैकेज, HDIL के मालिक ने कहा- मेरी संपत्ति बेच दो


हाईलाइट

  • पीएमसी बैंक के जमाकर्ता सरकार से अपने खातों में फंसे धन को वापस लेने के लिए मदद मांग रहे हैं
  • जमाकर्ताओं ने सरकार से 5,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करने की मांग करते हुए धरना दिया
  • मुख्य आरोप HDIL के मालिक ने कहा- मेरी संपत्ति बेच दो

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब और महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के जमाकर्ता सरकार से अपने खातों में फंसे धन को वापस लेने के लिए मदद मांग रहे हैं। मुंबई में किला अदालत के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी चुनावी रैली में घोटालेबाज बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 5,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करने की मांग करते हुए धरना दिया।

इस बीच बैंक के बकाये का भुगतान करने के लिए रियल एस्टेट समूह एचडीआईएल के प्रमोटरों, राकेश और सारंग वाधवान, जो पीएमसी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं ने आरबीआई और जांच एजेंसियों से अपनी संपत्ति बेचने का अनुरोध किया। इस संपत्ति में एक याच्ट, एक रोल रॉयस और एक एयरक्राफ्ट शामिल हैं। वाधवान ने प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और आरबीआई को लिखे पत्र में अनुरोध किया कि उनकी अटैच की गई संपत्ति को बेचने की अनुमति दी जाए। ये पत्र वाधवानों के एक प्रवक्ता ने जारी किया है।

पत्र में सूचीबद्ध संपत्ति में रोल्स रॉयस फैंटम, बेंटले कॉन्टिनेंटल, बीएमडब्लू 730 एलडी जैसी अल्ट्रा-लग्जरी कारें और एक ऐंबेसेडर शामिल है। इसमें राकेश के बेटे सारंग वाधवान की संपत्ति की सूची भी है। जिसमें एक फाल्कन 2000 एयरक्राफ्ट, ऑडी एजी, एक फेरटि याच्ट 881, दो इलेक्ट्रिक कार, तीन क्वाड बाइक (एटीवी) और स्पीड बोट (डॉल्फिन सुपर डीलक्स 31HT, 7 सीटर) है।

बता दें कि पीएमसी बैंक ने अनियमितता बरतते हुए एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) को हजारों करोड़ रुपए का लोन बांटा था। इसके कारण कम से 4,355 करोड़ रुपए का लोन डूब जाने का अनुमान है। बैंक के कर्मचारियों ने एचडीआईएल के खाते को एनपीए घोषित करने से बचाए रखने के लिए कई डमी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था।

इस मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एचडीआईएल  के दो प्रमोटरों, राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन को गिरफ्तार किया था। ईओडब्लू ने दावा किया था कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बैंक के साफ्टवेयर के साथ कुछ छेड़छाड की गई थी ताकि 44 खातों को छुपाया जा सके। इन खातों का संबंध एचडीआईएल से होने की आशंका है।

पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 1984 में की गई थी। बैंक ने कुल 8,300 करोड़ के कर्ज दे रखे हैं जबकि बैंक में खातेदारों के 11,600 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बैंक की 7 राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, आंध्र प्रदेश और एमपी में शाखाएं है। इसमें से अकेले महाराष्ट्र में 103 शाखाएं है जबकि कर्नाटक में 15, गोवा में 6 और दिल्ली में 6 शाखाएं है।

कमेंट करें
bl8z1
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।