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पाकिस्तान की तर्ज पर चीनी वस्तुओं पर भी बढ़े आयात शुल्क : उद्योग

June 19th, 2020 23:00 IST
 पाकिस्तान की तर्ज पर चीनी वस्तुओं पर भी बढ़े आयात शुल्क : उद्योग

हाईलाइट

  • पाकिस्तान की तर्ज पर चीनी वस्तुओं पर भी बढ़े आयात शुल्क : उद्योग

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की आवाज उठने होने के साथ-साथ देसी उद्योग को बढ़ावा देने की मांग की तेज हो गई। देश के कारोबारी चाहते हैं कि सरकार पाकिस्तान की तर्ज पर ही चीनी वस्तुओं पर भी भारी आयात शुल्क लगा दे ताकि आयात महंगा होने से देसी उद्योग को प्रोत्साहन मिले।

सरहद पर चीन के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के अधिकारी समेत 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद से देश के जनमानस में गुस्सा है और चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करने की आवाज तेज हो गई है। केंद्र सरकार के दो मंत्रियों ने भी लोगों से चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करने की अपील की है।

हालांकि देश के कारोबारी कहते हैं कि चीन को सबक सिखाने का सबसे अच्छा तरीका यह होगा कि जिस तरह पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी वस्तुओं पर आयात शुल्क पिछले साल 200 फीसदी बढ़ा दिया था उसी प्रकार चीनी वस्तुओं पर भी भारी आयात शुल्क लगा दिया जाए।

पिछले साल फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान को 1996 में सबसे तरजीही राष्ट्र का दर्जा छिनने के साथ-साथ पाकिस्तानी वस्तुओं के आयात पर शुल्क में 200 फीसदी की वृद्धि कर दी थी।

इंडियन इंपोर्ट्स चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डायरेक्टर टी. के. पांडेय ने आईएएनएस को कहा, चीनी वस्तुओं का लोग बहिष्कार कर रहे हैं जिससे आयातक भी नये सौदों से बच रहे हैं। लेकिन मजबूरी यह है कि आज हर हाथ में चीनी मोबाइल है और इसी प्रकार कई अन्य वस्तुएं भी हैं। इसलिए जब हम इससे बेहतर क्वालिटी के देसी उत्पाद लोगों को देंगे तो चीनी वस्तुओं को लोग खुद नापसंद करने लगेंगे।

पांडेय ने कहा कि सरकार को चीनी वस्तुओं पर आयात शुल्क उसी प्रकार बढ़ा देना चाहिए जिस प्रकार पाकिस्तानी वस्तुओं पर पिछले साल बढ़ाया गया था।

चीन से भारत इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, इलेक्ट्रिक मशीनरी, टेलीविजन इक्वीपमेंट, गार्मेंट एसेसरीज समेत अनेक कच्चे माल और तैयार वस्तुओं का आयात करता है जबकि चीन भारत से रूई, धागे, खनिज, रासायनिक उत्पाद व अन्य सामान खरीदता है। भारत द्वारा चीन का चीन को जितने मूल्य का सालाना निर्यात किया जाता है उससे तकरीबन पांच गुना मूल्य का सामान चीन से भारत आता है।

कपड़ा उद्योग में भी रंग-रंजक समेत कई प्रकार की एक्सेसरी का जो इस्तेमाल होता है उसका आयात चीन से सस्ता पड़ता है।

कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री के पूर्व चेयरमैन संजय जैन ने कहा कि सरकार को चीनी से आयातित खिलौने, मूर्तियां व अन्य तैयार वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाना चाहिए और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कच्चे माल के आयात पर आयात शुल्क ज्यादा बढ़ाने से देश में बनने वाली वस्तुएं महंगी हो सकती हैं।

भारत-चीन सीमा पर लद्दाख स्थित गलवान घाटी में 15 जून को दोनों देशों की सेना के बीच झड़प में भारतीय सेना के एक अधिकारी समेत 20 सैनिक शहीद हो गए। इस घटना के बाद देश में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की आवाज तेज हो गई है।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने भी लोगों से चीनी वस्तुओं का उपयोग नहीं करने की अपील की है। पासवान ने चीन से आयातित उत्पादों को भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों पर परखने और मानकों का सख्ती से पालन करने की बात कही है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।