दैनिक भास्कर हिंदी: किसानों को मौसम का रियल टाइम डेटा मुहैया कराना जरूरी : रूपाला

November 6th, 2019

हाईलाइट

  • किसानों को मौसम का रियल टाइम डेटा मुहैया कराना जरूरी : रूपाला

कोलकाता, 6 नवंबर, आईएएनएस । कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने बुधवार को कहा कि किसानों को मौसम का रियल टाइम डेटा मुहैया कराना जरूरी है, क्योंकि इससे उनको कृषि कार्य में मदद मिलेगी और यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से ही संभव है।
रूपाला यहां 5वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2019 के कार्यक्रमों के तहत आयोजित कृषि वैज्ञानिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। कई सत्रों में आयोजित कृषि वैज्ञानिक सम्मेल में कृषि विषेषज्ञों, वैज्ञानिकों और किसानों के साथ-साथ तकनीक विषेषज्ञों ने हिस्सा लिया। रूपाला ने कहा, खेती में मौसम काफी महत्वपूर्ण होता है। किसानों को मौसम का रियल टाइम डेटा मिल जाए तो उन्हें बेहतर कृषि प्रबंधन में मदद मिल सकती है। कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों को रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका काफी अहम हो सकती है। उन्होंने कहा, किसानों को बेहतर फसलों के दाम दिलाने के लिए बाजार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। सरकार द्वारा शुरू किए गए खाद्य प्रसंस्करण के प्रयास इसमें मददगार हो सकते हैं। रूपाला ने कहा कि करीब आठ करोड़ किसान अभी भी संस्थागत ऋण से दूर हैं और उन्हें खेती के लिए समय पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने और साहूकारों से मुक्ति दिलाने में किसान क्रेडिट कार्ड अहम भूमिका निभा सकता है। कृषि वैज्ञानिक सम्मेलन आईआईएसएफ का एक अभिन्न हिस्सा है। वर्ष 2015 में दिल्ली में पहली बार आयोजित किए गए आईआईएसएफ से अब तक इसका आयोजन लगातार किया जा रहा है। कृषि नवाचार, कृषि विविधीकरण एवं एकीकृत कृषि पद्धति, मूल्य संवर्धन, वैल्यू चेन तथा बिजनेस मॉडल्स, टिकाऊ खेती के लिए वैकल्पिक पद्धति, स्मार्ट खेती और पॉलिसी एडवोकेसी जैसे सत्र कृषि वैज्ञानिक सम्मेलन का प्रमुख हिस्सा रहे हैं। इस सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिक, शोधार्थी, छात्र और किसान मुख्य रूप से शामिल होते हैं। कृषि वैज्ञानिक सम्मेलन के संयोजक डॉ जे.पी. शर्मा ने कहा, टिकाऊ और मुनाफे की खेती मौजूदा समय की जरूरत है। किसान खेती में उपयुक्त बीजों और खाद एवं कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करें तो लागत को सीमित रखने में मदद मिल सकती है। इसय लक्ष्य को हासिल करने में औपचारिक अनुसंधान संगठनों के माध्यम से किसानों को मिलने वाला तकनीकी सहयोग उत्पादन और किसानों की आय वृद्धि में मददगार हो सकता है। इसके लिए कृषि शोधों का लाभ किसानों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है। इस मौके पर मौजूद भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संघठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि जमीनी स्तर पर नवाचार भी किसानों के कल्याण और ग्रामीण समृद्धि के लिए योगदान करने की क्षमता रखते हैं। किसानों के सफल बिजनेस मॉडल दूसरे किसानों को प्रेरित कर सकते हैं तो जमीनी नवाचार किफायती खेती में मददगार हो सकते हैं। कुलकर्णी ने कहा कि इस विज्ञान उत्सव में एकत्रित प्रतिभागियों को इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि किसानों की आय कैसे बढ़ाई जा सकती है और देश की खाद्यान्न तथा पोषण सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। -- आईएएनएस