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Paytm की बैंकों से ज्यादा मुनाफा देने वाली नई स्कीम जल्द होगी लॉन्च

August 24th, 2018 18:44 IST
Paytm की बैंकों से ज्यादा मुनाफा देने वाली नई स्कीम जल्द होगी लॉन्च

हाईलाइट

  • Paytm जल्द ही म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी।
  • अगले दो हफ्तों में इसकी शुरुआत हो जाएगी।
  • Paytm ने अगले तीन साल में 20 मिलियन ग्राहकों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। डिजिटल वॉलेट Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा जल्द ही म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म लॉन्च करेंगे। शर्मा ने गुरुवार को आयोजित म्यूचुअल फंड समिट में कहा कि अगले दो हफ्तों में इसकी शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि Paytm मनी ने इसके लिए अगले तीन साल में 20 मिलियन ग्राहकों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

शर्मा ने कहा कि म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। एडवांस रजिस्टर करने वाले ग्राहकों के लिए यह प्लेटफॉर्म अगले सप्ताह तक खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में प्रवेश करने के पीछे Paytm का इरादा किसी का बिजनेस रोकना नहीं, बल्कि इंडस्ट्री की ग्रोथ को बढ़ाना है। शर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य बड़े पैमाने पर नई, युवा पीढ़ी के निवेशकों को आकर्षित करने का है। नई पीढ़ी प्रॉफिट कमाने के लिए एक आसान मंच तलाशती। हमने म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म में इन सभी चीजों पर ध्यान दिया है। 

क्या है म्यूचुअल फंड
म्यूचुअल फंड एक प्रकार का सामुहिक निवेश है। म्यूचुअल फंड में एक फंड प्रबंधक होता है जो फंड के निवेशों को निर्धारित करता है। इस दौरान वह प्रॉफिट और लॉस का हिसाब भी रखता है। इस प्रकार हुए फायदे-नुकसान को निवेशकों मे बांट दिया जाता है। उन लोगों को जिनको स्टॉक मार्केट की इतनी जानकारी नहीं है,वह भी म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश कर सकते हैं। बता दें कि बैंक में फिक्स डिपोजिट कराने पर 7-9 फीसदी तक का रिटर्न मिलता है।जबकि म्युचूअल फंड में यह बढ़कर 15 फीसदी तक हो जाता है। हालांकि, यह रिटर्न शेयर बाजार में होने वाले अप एंड डाउन्स पर निर्भर करता है।  

म्यूचुअल फंड कंपनी सभी निवेशकों के पैसों को इकट्ठे करती है। इसके साथ ही वह उनसे कुछ चार्ज भी लेती है। इकठ्ठे किए गए पैसे को, कंपनियां बाजार में निवेश करती हैं। इनमें निवेश करने का फायदा यह है कि, निवेशक को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं होती कि आप कब शेयर खरीदें या बेचें। यह चिंता फंड मैनेजर की होती है। फंड मैनेजर ही निवेशक के निवेश का रखरखाव करने वाला होता है। वहीं निवेश करते वक्त अगर आप सीधे निवेश करते हैं तो आप म्यूचुअल फंड स्कीम के डायरेक्ट प्लान के तहत यह करने में सक्षम होंगे। वहीं अगर आप किसी एडवाइजर की मदद से निवेश कर रहे हैं तो आप किसी स्कीम के रेग्यूलर प्लान के तहत निवेश करेंगे।

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