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GST के दायरे में आएंगे पेट्रोल-डीजल, परिषद तय करेगी लागू करने की तारीख

July 20th, 2018 14:57 IST
GST के दायरे में आएंगे पेट्रोल-डीजल, परिषद तय करेगी लागू करने की तारीख

हाईलाइट

  • केंद्र सरकार का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों को संवैधानिक स्तर पर GST के तहत लाया जा चुका है।
  • GST काउंसिल को तय करना होगा क‍ि किस तारीख से पेट्रोलियम क्रूड, हाइस्पीड डीजल, मोटर स्पीरिट, प्राकृतिक गैस, जेट फ्यूल पर GST टैक्स लागू किया जाएगा।
  • इन पर GST रेट कब से लगेगा, ये फैसला GST परिषद को लेना है।

डिजिटल डेस्क । लंबे समय से पेट्रोल-डीजल को GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) के दायरे में लेकर आने को लेकर जद्दोजेहद चल रही थी। अब इस पर केंद्र सरकार का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों को संवैधानिक स्तर पर GST के तहत लाया जा चुका है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में कहा, 'संविधान के अनुच्छेद 297A(5) में साफ किया गया है कि ये GST काउंसिल को तय करना होगा क‍ि किस तारीख से पेट्रोलियम क्रूड, हाइस्पीड डीजल, मोटर स्पीरिट, प्राकृतिक गैस, जेट फ्यूल पर GST टैक्स लागू किया जाएगा।'

प्रधान ने कहा कि इस तरह पेट्रोलियम उत्पाद GST के तहत संवैधान‍िक स्तर पर शामिल हो चुके हैं, लेक‍िन इन पर GST रेट कब से लगेगा, ये फैसला GST परिषद को लेना है। उन्होंने कहा कि इस परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत देने को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर चुकी है। पेट्रोल और डीजल में दो रुपए की एक्साइज ड्यूटी की कटौती 4 अक्टूबर, 2017 को की गई थी।

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प्रधान ने कहा कि हमने एक्साइज ड्यूटी घटाने के साथ ही राज्यों से वैट घटाने की अपील भी की है। इसके बाद 5 राज्यों की सरकारों ने और एक केंद्र शास‍ित प्रदेश की सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को घटाया है। बता दें कि पेट्रोल और डीजल के GST के तहत आने पर उम्मीद जताई जा रही है कि इनकी कीमतें काफी कम हो सकती हैं। क्योंकि GST के तहत पेट्रोलियम उत्पादों पर अध‍िकतम 28 फीसदी टैक्स ही लग सकता है।

हालांकि पेट्रोल और डीजल पर GST के तहत कितना टैक्स लगेगा या फिर इसके लिए क्या व्यवस्था तैयार की जाएगी, इसको लेकर फिलहाल किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।