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Fuel Price: आमजन की जेब पर सरकारी तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाया भार, जानें आज के दाम

Fuel Price: आमजन की जेब पर सरकारी तेल कंपनियों ने फिर बढ़ाया भार, जानें आज के दाम

हाईलाइट

  • पेट्रोल की कीमत में 24 से 27 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई
  • डीजल के दाम में 29 से 31 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर आज (11 मई, मंगलवार) फिर से भार बढ़ा दिया गया है। पेट्रोल महंगा होने से जहां आम आदमी की दैनिक आवागमन की दिनचर्या पर प्रभाव पड़ा है। वहीं डीजल महंगा होने से सब्जी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर इसका असर पड़ा है। ईंधन के महंगा होने से महंगाई अपने पैर तेजी से पसार रही है। ऐसे में आमजनता जहां कोरोना वायरस की समस्या से जूझ रही है, वहीं सरकारी तेल कंपनियां उस पर भार लगातार बढ़ाती जा रही हैं। 

भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOC, HPCL & BPCL) ने पेट्रोल की कीमत में जहां 24 से 27 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं डीजल के दाम में 29 से 31 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इससे पहले कल भी पेट्रोल की कीमत में 23 से 26 पैसे और डीजल के दाम में 31 से 35 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि होने के साथ ही देशभर में दोनों ईंधन के दाम एतिहासक स्तर पर पहुंच गए हैं। आइए जानते हैं आज के कीमत...

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पेट्रोल की कीमत         
इंडियन ऑयल (Indian Oil) की वेबसाइट के अनुसार आज देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 91.80 रुपए प्रति लीटर है। वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 98.12 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। बात करें कोलकाता की तो यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 91.92 रुपए चुकाना होंगे। जबकि चैन्नई में पेट्रोल 93.62 रुपए प्रति लीटर में उपलब्ध होगा। 

डीजल की कीमत
दिल्ली में डीजल की कीमत 82.36 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं मुंबई में डीजल 89.48 रुपए प्रति लीटर बेचा जा रहा है। कोलकाता में आपको एक लीटर डीजल 85.20 रुपए में उपलब्ध होगा। जबकि चैन्नई में एक लीटर डीजल के लिए आपको 87.25 रुपए चुकाना होंगे।

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केंद्र और राज्य सरकारों का भारी टैक्स
आपको बता दें कि, आमजन की जेब पर सबसे बड़ा भार केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बढ़ाती हैं। पेट्रोल की कीमतों में 60 फीसदी हिस्सा सेंट्रल एक्साइज और राज्यों के टैक्स का होता है, जबकि डीजल में ये 54 फीसदी होता है। पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 32.90 रुपए प्रति लीटर है, जबकि डीजल पर 86.65 रुपए प्रति लीटर है।  

ऐसे तय होती है कीमत
देशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करती हैं। इंडियन ऑयल (Indian Oil), भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन कर जारी करती हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।