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सत्र के अंत में आई लिवाली से 290 अंक चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला (राउंडअप)

June 10th, 2020 21:31 IST
 सत्र के अंत में आई लिवाली से 290 अंक चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला (राउंडअप)

हाईलाइट

  • सत्र के अंत में आई लिवाली से 290 अंक चढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला (राउंडअप)

मुंबई, 10 जून (आईएएनएस)। घरेलू शेयर बाजार में एक दिन की गिरावट के बाद बुधवार को फिर तेजी लौटी। हालांकि उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा, लेकिन सत्र के आखिर में बढ़ी लिवाली से सेंसेक्स ने 290 अंकों की मजबूत बढ़त हासिल की और निफ्टी भी 69 अंक से ज्यादा उछला।

बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 290.36 अंकों यानी 0.86 फीसदी की तेजी के साथ 34247.05 पर बंद हुआ] जबकि एनएसई का सूचकांक निफ्टी 69.50 अंकों यानी 0.69 फीसदी की बढ़त के साथ 10,116.15 पर ठहरा।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र की क्लोजिंग के मुकाबले 72.45 अंकों की बढ़त के साथ 34029.14 पर खुला और 34350.17 तक उछला, जबकि कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 33,949.46 रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले 25.95 अंकों की तेजी के साथ 10072.60 पर खुला और 10148.75 तक चढ़ा, जबकि इसका निचला स्तर 10,036.85 रहा।

बीएसई मिडकैप सूचकांक 101.84 अंकों यानी 0.81 फीसदी की तेजी के साथ 12,659.34 पर, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 108.99 अंकों यानी 0.92 फीसदी की तेजी के साथ 11,955.04 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 शेयरों मंे से 15 शेयरों में तेजी रही, जबकि 15 में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच शेयरों में इंडसइंड बैंक (7.93 फीसदी), कोटक बैंक (2.32 फीसदी), रिलायंस (2.27 फीसदी), एचडीएफसी (2.17 फीसदी) और एक्सिस बैंक (1.88 फीसदी) शामिल रहे।

सेंसेक्स के सबसे ज्यादा गिरावट वाले पांच शेयरों में हीरोमोटोकॉर्प (3.92 फीसदी), बजाज ऑटो (2.58 फीसदी), टाटा स्टील (2.44 फीसदी), ओएनजीसी (2.00 फीसदी) और टाइटन (1.90 फीसदी) शामिल रहे।

बीएसई के 19 सेक्टरों में से 12 सेक्टरों के सूचकांकों में तेजी रही, जबकि छह सेक्टरों के सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए और एक सपाट रहा। सबसे ज्यादा तेजी वाले सेक्टरों में बैंक इंडेक्स (1.79 फीसदी), रियल्टी (1.78 फीसदी), फाइनेंस (1.44 फीसदी), एनर्जी (1.37 फीसदी) और हेल्थकेयर (0.82 फीसदी) शामिल रहे।

गिरावट वाले सेक्टरों में ऑटो (1.00 फीसदी), मेटल (0.41 फीसदी), कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी गुड्स एंड सर्विसेज (0.38 फीसदी), तेल एवं गैस (0.37 फीसदी) और कैपिटल गुड्स (0.15 फीसदी) शामिल रहे।

बीएसई पर कुल 2946 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1653 शेयरों में तेजी रही जबकि 1119 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 174 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।

-- आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।