दैनिक भास्कर हिंदी: स्टेलनस स्टील का अंतरिक्ष, रक्षा, तेल व प्राकृतिक गैस में विशेष इस्तेमाल : प्रधान

November 6th, 2019

हाईलाइट

  • स्टेलनस स्टील का अंतरिक्ष, रक्षा, तेल व प्राकृतिक गैस में विशेष इस्तेमाल : प्रधान

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को यहां कहा कि देश में इस्पात खपत में तेज वृद्धि होने जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में कुल उत्पादित क्रोमियम का 70 प्रतिशत हिस्सा स्टेनलेस स्टील के उत्पादन में इस्तेमाल होता है, और स्टेलनस स्टील का अंतरिक्ष, रक्षा और तेल तथा प्राकृतिक गैस सहित कई क्षेत्रों में विशेष इस्तेमाल होता है।

इंटरनेशनल क्रोमियम डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा यहां आयोजित क्रोमियम 2019 सम्मेलन में प्रधान ने कहा, देश में इस्पात खपत और आर्थिक विकास के बीच बेहतर सांमजस्य है। सरकार द्वारा भविष्य के लिए उन्नत बुनियादी संरचना, स्मार्ट शहरों के निर्माण और औद्योगिक गलियारे आदि जैसी चीजों पर ध्यान केन्द्रित करने से देश तीव्र विकास की ओर अग्रसर है, जिससे घरेलू स्तर पर इस्पात की खपत में तेज बढ़ोतरी होगी।

प्रधान ने निवेशकों और उद्यमियों को देश के विकास में भागीदार बनने का न्योता देते हुए कहा कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता और अप्रत्यक्ष करों में किए गए ढांचागत सुधार और हाल में कापोर्रेट टैक्स में की गई कटौती इन सबका उद्देश्य निवेश और विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुशासन, मजबूत आधरभूत संरचना और नागरिकों के लिए सुगम जीवन वाले न्यू इंडिया का जो सपना देखा है उसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय इस्पात क्षेत्र सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न नीतिगत उपायों और उद्योग की उद्यमिता की भावना के कारण अधिक जीवंत, कुशल, पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017, लौह और इस्पात उत्पाद (डीएमआई और एसपी) नीति तथा इस्पात उत्पादों पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्डस (बीआईएस) का मानक चिन्ह इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई कुछ प्रमुख नीतिगत पहल हैं।