RBI MPC Meeting: आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, आपके होम-कार लोन का नहीं बढ़ेगा ब्याज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक खत्म हो चुकी है। इसी के साथ आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने आज (05 जून 2026) एमपीसी के फैसले की घोषणा की। जिसके अनुसार, केंद्रीय बैंक ने रेपो रेटो में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर बरकरार रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि आपके कार या होम के लोन की ईएमआई में बढ़ोतरी नहीं होगी।
बता दें कि, यह लगातार दूसरी बार है जब केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। जबकि, इन दो बैठकों के पहले की बात करें तो रिजर्व बैंक ने पिछले एक साल में रेपो रेट को करीब 1.25 फीसदी तक कम यानि कि कुल 125 पॉइंट की दर कटौती की है। इससे ब्याज दरों पर काफी प्रभाव पड़ा था और आमजनों को बड़ी राहत मिली थी।
आरबीआई गर्वनर ने क्या कहा?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और महंगाई संबंधी जोखिमों को देखते हुए फिलहाल सतर्क रुख अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि, आरबीआई की बैठक में रेपो रेट को अनचेंज रखने का फैसला लिया गया है। बत दें कि, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने का सीधा मतलब है कि फिलहाल होम लोन, कार लोन समेत अन्य कर्जों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं होगी हालांकि, ये घटेंगी भी नहीं।
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आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अप्रैल की पिछली मौद्रिक नीति बैठक के बाद वैश्विक आर्थिक माहौल और चुनौतीपूर्ण हो गया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और नाजुक युद्धविराम की स्थिति के कारण ऊर्जा कीमतों में तेज वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इसका असर आर्थिक विकास और महंगाई दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा लागत और आपूर्ति बाधाओं के कारण आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था इन झटकों का सामना करने में सक्षम है और देश की आर्थिक मजबूती को और बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा आरबीआई ने साफ किया है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं, बढ़ती ऊर्जा कीमतों और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए केंद्रीय बैंक सतर्क रुख बनाए रखेगा। फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले महीनों में आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
महंगाई दर का अनुमान बढ़ाया
भारतीय रिजर्व बैंक ने केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई अनुमान बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है। आरबीआई का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊंची ऊर्जा कीमतें अर्थव्यवस्था पर दबाव बना सकती हैं। इसके अलावा 2026-27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 4.6 प्रतिशत था।
Created On :   5 Jun 2026 2:32 PM IST













