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मप्र में 25 हजार पदों पर भर्ती होगी

September 24th, 2020 16:02 IST
मप्र में 25 हजार पदों पर भर्ती होगी

हाईलाइट

  • मप्र में 25 हजार पदों पर भर्ती होगी

भोपाल, 23 सितंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में 25 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गृह, राजस्व, लोक निर्माण, जेल, शिक्षा और अन्य विभागों में रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रिक्त पदों को जल्दी भरा जाए। राज्य में शिक्षकों के लगभग 15 हजार और अन्य विभागों के 10 हजार पद कुल मिलाकर लगभग 25 हजार पदों पर भर्ती अनुमानित है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनकल्याणकारी कार्यो के सुचारु संचालन के लिए विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की कार्यवाही पूर्ण की जाए। इस संबंध में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, लोक सेवा आयोग और विभागीय स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही संपादित की जाए। पदों की भर्ती के संबंध में विभागीय स्तर पर भी समीक्षा कर समग्र रूप से संपूर्ण प्रक्रिया अपनाई जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में आवश्यक नियमों और प्रक्रियाओं के पालन का ध्यान रखते हुए प्रक्रिया पूरी की जाए। अनुमान के अनुसार, करीब 10 हजार पदों के लिए पीईबी द्वारा आगामी महीनों में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन पदों में गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस आरक्षक के 3272 पद, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के 863 पद, गृह विभाग में आरक्षक रेडियो संवर्ग के 493 पद, राजस्व निरीक्षक के 372 पद, कौशल संचालनालय में आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी के 302 पद शामिल हैं।

इसके अलावा विभिन्न विभागों में शीघ्र लेखक, सहायक ग्रेड-तीन, स्टेनो टाइपिस्ट, स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सांख्यिकी अधिकारी और भृत्य, चौकीदार, वार्ड बॉय, क्लीनर, वाटरमेन कुक जैसे पदों की भर्ती की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि प्राथमिक शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा दिसंबर 2020 में प्रस्तावित है। इस समय पीईबी की ओर से तकनीकी शिक्षा संचालनालय, पशुपालन विभाग और कृषि विभाग की विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी भी की जा रही है। ये परीक्षाएं अकादमिक सत्र के अनुसार अक्टूबर और नवंबर 2020 में प्रस्तावित हैं।

एसएनपी/एसजीके

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