अधिसूचना जल्द: अकोला और बुलढाणा जिले में किसानों से मिले डीसीएम शिंदे, बोले - सरकार मजबूती से किसानों के साथ खड़ी, फसल नुकसान का लिया जायजा

अकोला और बुलढाणा जिले में किसानों से मिले डीसीएम शिंदे, बोले - सरकार मजबूती से किसानों के साथ खड़ी, फसल नुकसान का लिया जायजा
  • कैबिनेट में हुई चर्चा, जल्द जारी होगी अधिसूचना, कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) ने मांगी प्रति हेक्टेयर 50 हजार की मदद
  • कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) ने मांगी 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मदद
  • किसानों से संवाद कर जानी समस्याएं, कहा-सरकार मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है
  • सूखा प्रभावित बालापुर तहसील के दधम और व्याला गांवों का दौरा कर फसलों के नुकसान का लिया जायजा
  • खेतों में पहुंचे उपमुख्यमंत्री शिंदे, टाकली में सोयाबीन फसल का लिया जायजा

डिजिटल डेस्क, अकोला. कम बारिश और मानसून में लंबे अंतराल के कारण किसान संकट में हैं। ऐसे समय किसानों को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा और उन्हें भरपूर मदद दी जाएगी। यह आश्वासन राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को दिया। जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बुधवार को बालापुर तहसील के दधम और व्याला गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर फसलों की स्थिति और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। दधम में जी. टी. जाधव के खेत तथा व्याला में सविता वासुदेव वाशिमकर के खेत में पहुंचकर उन्होंने फसलों के नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया। शिंदे ने कहा कि किसानों को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें भरपूर सहायता दी जाएगी। इस संबंध में कैबिनेट में भी चर्चा हो चुकी है। जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाएगी।

45 से 50 दिनों के सूखे से फसलों पर संकट

बालापुर तहसील में मानसून की शुरुआत में बारिश नहीं होने के कारण इस वर्ष बुवाई करीब एक महीने तक विलंबित हुई। इसके बाद कुछ बारिश हुई, लेकिन फिर 45 से 50 दिनों तक बारिश का लंबा अंतराल रहा। इसके चलते खरीफ फसलों की वृद्धि रुक गई। बीच में हुई बारिश से फसलें कुछ हद तक हरी-भरी दिखाई दीं, लेकिन फली बनने के महत्वपूर्ण चरण में बारिश थम जाने से सोयाबीन और तुअर की फसलों को भारी नुकसान हुआ।

कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) ने मांगी 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मदद

फसल नुकसान की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रकाश तायडे ने बालापुर तहसील सहित पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की। उन्होंने इसके लिए प्रतीकात्मक उपवास भी किया। वहीं, शिवसेना (उबाठा) के विधायक नितिन देशमुख ने जिले में जन आक्रोश मोर्चा निकालकर आंदोलन किया।

इस अवसर पर श्रम मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर, मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठोड़, राज्य मंत्री आशीष जयसवाल, सांसद अनूप धोत्रे, विधायक संजय गायकवाड़, विधायक किरण सरनाइक, महापौर शारदा खेडकर, पूर्व विधायक गोपीकिशन बाजोरिया, नारायण गव्हाणकर, संजय रायमुलकर, विप्लव बाजोरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान उपस्थित थे।


खेतों में पहुंचे उपमुख्यमंत्री शिंदे, टाकली में सोयाबीन फसल का लिया जायजा

  • खड़की, टाकली सहित मोताला तहसील में सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा
  • किसानों से संवाद कर फसलों के नुकसान और समस्याओं की ली जानकारी
  • नुकसानग्रस्त खेतों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण

उधर बुलढाणा जिले में सूखे जैसी स्थिति के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मोताला तहसील के टाकली गांव में गुट क्रमांक 22 स्थित किसान रामधन मीराजी गवई के खेत में पहुंचकर उन्होंने नुकसानग्रस्त सोयाबीन फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फसल की वर्तमान स्थिति, नुकसान की प्रकृति और किसानों को हो रही परेशानियों की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने खड़की और टाकली क्षेत्र के विभिन्न खेतों का भी दौरा किया। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ है। जिले में सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा के लिए उपमुख्यमंत्री का यह दौरा आयोजित किया गया था। मोताला तहसील के खड़की, खामखेड़, रोहिणखेड़ और टाकली क्षेत्रों को भी उनके दौरे में शामिल किया गया। बारिश की कमी और प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को हुए नुकसान से किसानों में चिंता का माहौल है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री के खेतों तक पहुंचने से प्रशासनिक स्तर पर भी फसल नुकसान की स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया गया। दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और किसान उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं को समझने और उनकी स्थिति की जानकारी लेने पर जोर दिया।

Created On :   23 Sept 2026 9:08 PM IST

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