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Amravati News: अमरावती के पावर प्लांट क्षेत्र में तेंदुए के मुक्त विचरण से दहशत

Amravati News शहर से सटे नांदगांव पेठ एमआईडीसी स्थित बिजली प्लांट परिसर में पिछले कई महीनों से तेंदुए की आवाजाही से कर्मियों में दहशत व्याप्त है। अब फिर से कंपनी परिसर और आसपास के खुले क्षेत्र में तेंदुआ घूमता दिखाई दिया है, जिसकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं। इस घटना के बाद प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों में भय का माहौल है। विशेष रूप से रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कुछ कामगारों ने तेंदुए को प्रत्यक्ष देखने का दावा भी किया है। औद्योगिक क्षेत्र में घनी झाड़ियों और खाली जमीन के कारण वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कामगारों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल संज्ञान लेकर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने अथवा उसे जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है। संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की अपेक्षा भी की जा रही है।
तेंदुए ने किया गाय का शिकार : तहसील में वन्यजीवों का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस कड़ी में धारणी तहसील के ग्राम नारदु में बुधवार की रात करीब 2 बजे तेंदुए ने एक गाय पर हमला किया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीण रातभर सो नहीं सके। बताया जा रहा है कि दिन से ही तेंदुवा गांव के समीप नदी किनारे घूमता हुआ दिखाई दे रहा था, जिससे ग्रामीणों में पहले से ही भय व्याप्त था। देर रात नारदु निवासी रामचरण भिलावेकर के घर के पास बने तबेले में घुसकर उसने गाय पर हमला किया। हमला इतना तेज था कि गाय की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय परिवार के सदस्य घर के भीतर ही मौजूद थे। घर से सटे तबेले में इस तरह का वन्यजीव हमला होने से परिवार और आसपास के लोग भयभीत हो गए। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि धारणी तहसील और मेलघाट क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं। जंगल से सटे गांवों में आए दिन कभी गाय, कभी बकरा तो कभी बैल शिकार बन रहे हैं। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है और साथ ही लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और गांव के आसपास गश्त बढ़ाकर ऐसे जंगली जानवरों को पकड़ने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
Created On :   27 Feb 2026 1:39 PM IST















