Amravati News: जिस बाघ को देखने का सपना था, उसी ने उर्मिला की जिंदगी छीन ली

जिस बाघ को देखने का सपना था, उसी ने उर्मिला की जिंदगी छीन ली
  • छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी, मगर परिवार का सबसे बड़ा सहारा
  • बहन को अधिकारी बनाने का सपना भी रह गया अधूरा

Amravati News जिस बाघ को देखने के लिए उर्मिला इवने उत्सुक रहती थी, जिस बाघ की तस्वीर उसने गर्व से अपने वाट्स एप डीपी पर लगा रखी थी, उसी बाघ ने सोनोरी के खेत में उसकी जिंदगी छीन ली। जंगल और वन्यजीवों से प्रेम करने वाली उर्मिला की मौत ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया।

खेत में गई थी, मौत घात लगाए बैठी थी : रविवार 6 सितंबर को बाघ की दहशत के बीच उर्मिला पड़ोसी कला महादेव कासदेकर के साथ खेत में घास काटने गई थी। बाघ की आहट मिलते ही कला भाग निकलीं, लेकिन उर्मिला ने संतरे के छोटे पेड़ की आड़ लेने की कोशिश की। बाघ ने उसे पकड़कर नाले की ओर घसीट लिया। कुछ ही क्षणों में परिवार का सबसे मजबूत सहारा हमेशा के लिए चला गया।

छह साल की उम्र से संघर्ष, मां ने अकेले पाला : उर्मिला के पिता उसे छह साल की उम्र में ही परिवार को छोड़कर चले गए थे। मां मातिया ने मजदूरी कर छह बच्चों को पाला और बेटियों को पढ़ाने का सपना देखा। गरीबी के बावजूद उर्मिला ने बीएससी के बाद डीएड किया और खेत में मजदूरी करते हुए परिवार संभाला।

बहन को अधिकारी बनाने के लिए खुद खपती रही : उर्मिला अपनी बहन लीला को अधिकारी बनते देखना चाहती थी। उसने खेत में मजदूरी कर उसकी पढ़ाई का खर्च उठाया, किताबें दिलाईं और अमरावती में रहने की व्यवस्था की। लीला ने 2025 में परीक्षा पास कर ली, लेकिन नियुक्ति पत्र देखने से पहले ही उर्मिला चली गई।

मौत के दिन भी पढ़ाई की बात कर रही थी : उर्मिला खुद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का डिप्लोमा करना चाहती थी। मौत वाले दिन ही उसने बहन को एक वर्षीय डिप्लोमा की जानकारी भेजी थी। भविष्य के सपने संजो रही उर्मिला कुछ घंटों बाद हमेशा के लिए खामोश हो गई।

Created On :   10 Sept 2026 1:38 PM IST

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