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Bada Malhera: आर्यिका संघ के सानिध्य में निकली श्रीजी की भव्य पालकी

डिजिटल डेस्क,बड़ामल्हेरा। जिला मुख्यालय छतरपुर में जैन समुदाय के दस दिवसीय दसलक्षण पर्व के सोल्लास समापन के बाद नगर में श्रीजी की पालकी आर्यिकाश्री अनर्घमति माताजी के ससंघ सानिध्य में पूरी भव्यता और गरिमा के साथ धूमधाम से निकाली गई। अतिशय क्षेत्र डेरापहाड़ी जिनालय में श्रीजी का अभिषेक -पूजन हुआ। इसके साथ ही दोपहर में क्षमावाणी पर्व मनाया गया।
धर्म को आत्मसात करने वाला रहता है सुखी इस अवसर पर अपने मंगल प्रवचन में आर्यिकाश्री अनर्घमति माताजी ने कहा कि धर्म को धारण करने वाला सदा सुखी रहता है।पर्यूषण पर्व पर आप सभी ने धर्म को पाला, नियम-संयम से रहे,ये अच्छी बात है।अब जिनसे मानोमालिन्य है,उनसे सच्चे मन से क्षमापना करना ही उत्तम क्षमा है।मित्रों से तो हर कोई क्षमापना कर लेता है।
घरों के सामने की श्रीजी की आरती
प्रो. सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि दस दिवसीय पर्युषण पर्व की सोल्लास समाप्ति पर 28 सितंबर 26 को श्रीजी की पालकी सुबह 8 बजे श्री नेमीनाथ जिनालय से पूरी भव्यता के साथ प्रारंभ हुई, जो महल तिराहा, छत्रसाल चौक होते हुए अतिशय क्षेत्र डेरा पहाड़ी पहुंची। श्रद्धालुओं ने रास्ते में अपने अपने घरों के सामने चांदी की नयनाभिराम पालकियों में विराजे श्रीजी की आरती और वंदन किया।
श्रीजी की पालकी की शोभायात्रा में सभी श्रद्धालु अपनी अपनी मनोहारी ड्रेस कोड में सम्मिलित थे।पुरुष एवं युवाजन सफेद कुर्ता पैजामा ,महिलाएं विविध रंगों की साड़ी एवं युवाजन तथा बालिकाएं अपने मंडलों की निर्धारित पोषाक पहने उमंग और उल्लास के साथ जयकारे लगाते चल रहे थे। शोभा यात्रा में श्रद्धालुजन दोनों पालकियों को बदल बदल कर अपने कंधों पर विराजमान कर आगे बढ़ रहे थे। सबसे आगे श्रद्धालुओं के हाथों में पंचरंगा जैन ध्वज पालकी की शोभा में चार चांद लगा रहे थे।
डेरापहाड़ी पर पालकी का हुआ स्वागत
श्रीजी की पालकी के जय-जय अतिशय क्षेत्र के प्रवेश द्वार पहुंचने पर यहां कलश और दीप लिए खड़ी महिलाओं ने पालकी का भावभीना स्वागत किया। पालकी महोत्सव की प्राचीनता पर प्रकाश डालते हुए डा. सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि वर्षो पूर्व भगवान की पालकी बाजार मंदिर से बिना कहार के ही जलबिहार करते हुए डेरापहाड़ी आया करती थी।यह परंपरा बहुत प्राचीन है।ये हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।यहां श्रीजी का अभिषेक, पूजन और शांतिधारा पूरी धार्मिक प्रभावना के साथ किया गया।
कार्यक्रम का सरस संचालन श्री राजेश बड़कुल एवं प्रदीप चौधरी ने किया।इस बार श्रीजी की पालकी उसी दिन की बजाए अगले दिन 29 सितंबर को प्रातः 8 बजे डेरापहाड़ी से पुलिस लाइन, महल तिराहा होते हुए वापस श्री नेमिनाथ जिनालय पहुंच कर संपन्न होगी।
मनाई गई अनूठी क्षमावाणी
इस अवसर पर दोपहर 2 बजे अतिशय क्षेत्र पर क्षमावाणी पर्व अनूठे ढंग से धूमधाम के साथ मनाया गया। क्षमापना कार्यक्रम में लोग अपने परिजनों तथा मित्रों के साथ पहुंचे थे क्षमावाणी पर्व में विगत में हुई भूलों के लिए परस्पर क्षमायाचना की गई, जिससे संबंधों में प्रगाढ़ता और मधुरता को बल मिलता है। कार्यक्रम के बाद हुए आत्मीय भोज का सुंदर एवं स्वादिष्ट प्रबंधन डेरापहाड़ी क्षेत्र के मंत्री श्री आर के जैन,समाजसेवी श्री रीतेश जैन एवं उनकी सक्रिय टीम ने मनोयोग के साथ किया।
जैन समाज के अध्यक्ष श्री अरूण जैन, उपाध्यक्ष श्री अजय फट्टा, श्री प्रमोद सेठ, महामंत्री श्री अजित जैन,कोषाध्यक्ष श्री जितेन्द्र जैन,सहमंत्री श्री प्रमोद जैन बल्लू, डेरापहाड़ी प्रबंधक श्री आरके जैन एवं समस्त कार्यकारिण ने पालकी महोत्सव सहित सभी कार्यक्रमों में सहयोग और सहभागिता करने वाले श्रावकों का आभार ज्ञापित किया है।
Created On :   28 Sept 2026 3:06 PM IST












