MP News: चित्रकूट में 78.60 करोड़ से रामायण बनेगा आधुनिक और हाई-टेक केंद्र, दिखाया जाएगा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

चित्रकूट में 78.60 करोड़ से  रामायण बनेगा आधुनिक और हाई-टेक केंद्र, दिखाया जाएगा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
चित्रकूट में मप्र शासन रामायण पर आधारित जीवनी (एपिक शोकेस) बनाने जा रही है। यह रामायण अनुभूति केंद्र कहलाएगा।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। चित्रकूट में मप्र शासन रामायण पर आधारित जीवनी (एपिक शोकेस) बनाने जा रही है। यह रामायण अनुभूति केंद्र कहलाएगा। इसमें सबसे बड़ा एंकर अट्रैक्शन होगा जो श्रीराम के बनने की गाथा दर्शाएगा। साथ ही रामायण की हमेशा रहने वाली यात्रा का अनुभव करवाएगा। यहां भगवान राम की एक आइकॉनिक, बड़ी मूर्ति स्पिरिचुअल एंकर और विज़ुअल सिंबल के तौर पर खड़ी की जाएगी, जो भक्तों को गाइड करेगी। अनुभूति केंद्र पर चित्रकूट के मुख्य पौराणिक मूल्यों पर ज़ोर दिया जाएगा।

इसमें पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व को उकेरा जाएगा। इसमें इंटरैक्टिव मीडिया, कल्चरल परफॉर्मेंस, रेप्लिका, रीति-रिवाज और पब्लिक इवेंट, श्रीराम की विरासत से जुड़ी सभी जानकारी और अनुभवों को दर्शाया जाएगा। रामायण अनुभूति केंद्र के लिए 78.60 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है।

दरअसल, रामयण अनुभूति केंद्र को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके जरिए बताया जाएगा कि भगवान राम का चित्रकूट कैसे, कब और क्यों पहुंचे। राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास के दौरान कामदगिरी पहाड़ी पर पहुंचकर इसे रहने की जगह के तौर पर क्यों चुना।

केंद्र में कुटिया (आश्रम जीवन) की स्थापना, लक्ष्मण ने कामदगिरी के पास एक साधारण जंगल में रहने की जगह (कुटिया) बनाई, जिससे सादगी और धर्म पर आधारित उनके तपस्वी जंगल जीवन की शुरुआत हुई।

इसके बाद कामदगिरी को दिव्य केंद्र के रूप में पवित्रता मिली। कामदगिरी को श्रीराम का प्रतीक शरीर माना जाने लगा और उनकी मौजूदगी से आसपास का जंगल आध्यात्मिक रूप से चार्ज हो गया।

कामदगिरी पहाड़ी और मंदाकिनी नदी के आसपास कई ऋषि पौराणिक काल में रहते थे। भगवान राम ने उन्हें राक्षसों से बचाया, इसे अनुभूति केंद्र के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। भक्त आशीर्वाद और इच्छाओं की पूर्ति के लिए 5 किमी की परिक्रमा करते हैं, इसलिए इसका नाम कामद-गिरी अर्थात वह पहाड़ पड़ा जो इच्छाएं पूरी करता है। इसके बारे में केंद्र में व्याख्याएं होंगी।

कब्जे और स्ट्रक्चर हटाए जाएंगे

चित्रकूट में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (यूडीसी) ने साइट का चयन कर डीपीआर बनाई है। चयनित साइट पर वर्तमान में सरकारी संरचनाएं है और कई जगह कब्जे और अतिक्रमण है। कुछ निजी-सरकारी आवासीय संरचनाएं भी मौजूद है। कमर्शियल भवन भी है। साइट पर लगभग 30 स्ट्रक्चर है, जिनकी अतिक्रमण के रूप में पहचान की गई है। वन विभाग की संचरचनाएं भी है। साइट पर

कचरा इकट्ठा करने, अलग करने या डिस्पोज़ल के लिए कोई स्ट्रक्चर्ड सिस्टम नहीं है। मानसून के मौसम में सरफेस रनऑफ़ को संभालने के लिए कोई तय ड्रेनेज नेटवर्क नहीं है। इसलिए यहां अच्छा डिस्ट्रिब्यूटेड वॉटर सप्लाई सिस्टम भी तैयार किया जाएगा। साइट पर बनीं संरचनाएं हटाकर अनुभूति केंद्र बनाया जाएगा।

तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार

रामायण गैलरी ब्लॉक, कॉन्फ्रेंस हॉल, ऑडिटोरियम, धार्मिक और सांस्कृतिक प्रदर्शनी हॉल, 5डी और वीआर रूम, यादगार चीज़ों की दुकानें, फूड कोर्ट और रामायण से जुड़ी मशहूर जगहें, जिनमें मूर्तियां और चौपाइयां शामिल होंगी।

श्रीराम की बड़ी मूर्ति भी होगी। अनुभूति केंद्र में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ताकि यहां आने वाले धार्मिक पर्यटकों का तनाव दूर हो सके। यहां स्थानीय प्रजाति के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, जिससे वातावरण में रामायण-राम की अनुभूति की जा सके।


Created On :   18 Jun 2026 9:51 PM IST

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