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Bhopal News: भोपाल की तिरूपति धाम कॉलोनी के रहवासी बोले - 'न सड़क, न नाली, न पानी; शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई'

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल के बैरसिया रोड स्थित लांबाखेड़ा इलाके की तिरूपति धाम कॉलोनी के रहवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। उनका कहना है कि कॉलोनी में आज तक सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। रहवासियों ने 3 जून 2026 को नगर निगम और अन्य विभागों को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी थी। इसके बाद उन्हें सिर्फ शिकायत प्राप्त होने का संदेश मिला, लेकिन अब तक शिकायत क्रमांक, जांच की स्थिति या किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। इससे कॉलोनीवासियों में नाराजगी बढ़ रही है।
कॉलोनाइजर पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनाइजर ने प्लॉट बेचते समय आकर्षक ब्रोशर के जरिए कई सुविधाएं देने का वादा किया था। इनमें 25 फीट चौड़ी सड़क, पानी की व्यवस्था, बिजली, भव्य प्रवेश द्वार और अन्य मूलभूत सुविधाएं शामिल थीं। इन वादों पर भरोसा कर कई परिवारों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर प्लॉट और मकान खरीदे। लेकिन वर्षों बाद भी ज्यादातर सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
कॉलोनीवासियों के मुताबिक सड़क और नाली नहीं होने से बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। जगह-जगह जलभराव हो जाता है और आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
पहले भी की जा चुकी हैं शिकायतें
तिरूपति धाम कॉलोनी के लोगों ने बताया कि इससे पहले थाना ईंटखेड़ी में सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन भी दिया गया था। इसके अलावा नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को भी शिकायतें भेजी गईं। हालांकि, अब तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
5 जून 2026 को रहवासियों ने नगर निगम को दोबारा ईमेल भेजकर शिकायत की स्थिति, शिकायत क्रमांक, जांच अधिकारी का नाम और अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
संयुक्त जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाए। इसके साथ ही कॉलोनाइजर द्वारा किए गए वादों और वास्तविक स्थिति की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। रहवासियों का कहना है कि यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
पार्षद ने क्या कहा?
इस मामले को लेकर हमने क्षेत्रीय पार्षद अंजू राजपूत से बात करने की कोशिश की। संपर्क ने हो पाने पर उनके पति बबलेश राजपूत ने हमें बताया कि तिरूपति कॉलोनी अवैध है, जिसको लेकर नगर निगम की ओर से बिल्डर के खिलाफ एफआईआर की जा चुकी है। जहां तक बात कॉलोनी के लोगों के साथ हुए धोखाधड़ी की तो उसमें शासन या कलेक्टर ही कुछ कर सकते हैं हम नहीं। इसके साथ ही पार्षद पति ने यह दावा भी किया कि इलाके में केवल तिरूपति कॉलोनी अवैध नहीं है, उसकी तरह 25 कॉलोनियां और भी हैं। कई ऐसी कॉलोनियां हैं, जो न ही नगर निगम को हैंड ओवर की गई हैं न ही उनके लिए परमिशन ली गई है। उन्होंने आगे बताया कि हमारी शिकायत पर नगर निगम और जिला प्रशासन ने कार्रवाई भी की हैं।
पार्षद पति के इस बयान से साफ है कि वे भी कॉलोनी के लोगों की समस्याओं को सुलझाने में बेबस हैं।
Created On :   18 Jun 2026 8:58 PM IST












