Bhopal News: भेल क्षेत्र में एसटीपी 6 महीने से बंद, एनजीटी ने लिया संज्ञान, निरीक्षण के लिए संयुक्त समिति बनेगी

भेल क्षेत्र में एसटीपी 6 महीने से बंद, एनजीटी ने लिया संज्ञान, निरीक्षण के लिए संयुक्त समिति बनेगी

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की भोपाल सेंट्रल ज़ोन बेंच ने सोमवार को बरखेड़ा पठानी में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के बंद होने पर स्वतः संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान, जस्टिस शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की बेंच ने मामले को पर्यावरण से जुड़ी एक गंभीर चिंता माना। एनजीटी ने अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। ट्रिब्यूनल के आदेश के अनुसार बीएचईएल के एसटीपी की क्षमता 4.5 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। एसटीपी प्लांट को बनाने के लिए करोड़ रुपये की लागत आई है।

एसटीपी के लंबे समय से बंद रहने के कारण सीवेज जमा हो रहा। गंदा पानी लगातार ओवरफ्लो हो रहा। जिसके चलते आसपास के रहवासी और किसान बदबू से परेशान हैं। इसके साथ ही गंदे पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ट्रिब्यूनल ने भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, भोपाल नगर निगम के आयुक्त आरपी अहिरवार और बीएचईएल भोपाल के जनसंपर्क अधिकारी को इस मामले में प्रतिवादी बनाए जाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर ट्रिब्यूनल के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।

समिति देगी 6 सप्ताह में रिपोर्ट

एनजीटी ने एक संयुक्त समिति बनाने का आदेश दिया है। समिति में भोपाल कलेक्टर और प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति साइट का निरीक्षण कर 6 सप्ताह के अंदर कार्रवाई पर रिपोर्ट सौंपेगी। एमपीपीसीबी इस समिति के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

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