MP News: 5 सरकारी कॉलेजों की खरीदी में भ्रष्टाचार की जांच के लिए दो बार कमेटियां बनाई, जांच हुई नहीं अफसरों के हो गए तबादले

5 सरकारी कॉलेजों की खरीदी में भ्रष्टाचार की जांच के लिए दो बार कमेटियां बनाई, जांच हुई नहीं अफसरों के हो गए तबादले

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के 5 सरकारी कॉलेजों ने लैब उपकरण और फर्नीचर की खरीदी और टेंडर में किए भारी भ्रष्टाचार की जांच के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने दो बार जांच कमेटियां बनाई, लेकिन कमेटियां किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। दरअसल, राजीव गांधी शासकीय कॉलेज, मंदसौर और शासकीय कॉलेज श्योपुर में प्रयोगशाला उपकरणों की खरीदी और शासकीय कॉलेज चिनौर, शासकीय मॉडल कॉलेज ग्वालियर और शासकीय कॉलेजा खातेगांव में प्रयोगशाला उपकरण व फर्नीचर खरीदी में हुए भ्रष्टाचार के बाद राेके गए भुगतान संबंधी जांच की फाइलें आगे ही नहीं बढ़ पाई। इन कॉलेजों में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की शिकायतें चल रही है।

लोकायुक्त संगठन भी इनकी जांच कर रहा है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने विभागीय स्तर पर भी जांच के लिए दो बार कमेटियां बनाई। पहली कमेटी 28 नवंबर, 2025 को संचालक वित्त (उच्च शिक्षा) जितेंद्र सिंह, शासकीय एमएलबी गर्ल्स कॉलेज भोपाल के प्राध्यापक डॉ पियूष भटनागर और तकनीकी शिक्षा के सहायक संचालक दीपक जैन की तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। इसे 15 दिन में रिपोर्ट देना था, लेकिन इसमें न तो किसी को अध्यक्ष-संयोजक बनाया और न ही इसे जांच के लिए इन कॉलेजों में भेजा गया। कमेटी को निर्देश दिए गए कि जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट सबमिट करें, लेकिन कमेटी के सदस्यों पर ही कुछ सप्लायरों ने संदेह उत्पन्न कर दिया, जिसके चलते इसे भंग कर दिया गया। जांच हुई ही नहीं।

दूसरी कमेटी के अफसर हुए ट्रांसफर

इसके बाद बाद में 19 जनवरी, 2026 को इन कॉलेजों की खरीदी और सप्लाय के बाद भुगतान रोकने की जांच के लिए नए सिरे से 5 सदस्यों की कमेटी बनाई गई। इसमें िजतेंद्र सिंह, भोज ओपन यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर डॉ विभा मिश्रा, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल की प्राध्यापक डॉ अनुजा हुंडेत, डॉ पीयूष भटनागर और राजा भोज सरकारी कॉलेज मंडीदीप के प्राध्यापक डॉ वीजे सकारिया की पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, जिसकी आज तक रिपोर्ट नहीं पहुंची। इस कमेटी को 15 दिन में जांच रिपोर्ट पेश करना था, लेकिन जितेंद्र सिंह का ट्रांसफर हो गया, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली।

एक प्रिंसिपल ने पुलिस से कहा, एफआईआर दर्ज करें

श्योपुर गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ ओपी शर्मा ने श्योपुर पुलिस को पत्र लिखा कि तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य अरविंद कुमार दोहरे ने रूसा मद में जाली दस्तावेजों से अपनी पसंद की फर्म जेएमडी एसोसिएट और एएन इंटरप्राइजेस को टेंडर देकर भ्रष्टाचार किया। गुणवत्ताहीन सामान पर 1 करोड 36 लाख रुपए खर्च किए। प्रभारी पद से हटने के बाद भी दबाव बनाते हैं। अवैध रूप से कॉलेज के रिकॉर्ड और क्रय कागजों को अनाधिकृत रूप से अपने पास रखे हुए हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाए।

इनका कहना

खरीदी के बाद हमने भुगतान पर रोक लगा दी थी। जांच कमेटियों के बारे में जानकारी लेता हूं, मुझे ठीक से याद नहीं आ रहा है कि मौजूदा वस्तुस्थिति क्या है। अफसर के तबादला होने से काम नहीं रूकता। अब जो आया, वो जांच करेगा।


Created On :   1 July 2026 12:13 AM IST

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