CAPF बिल 2026: विवेक तन्खा ने राज्यसभा में CAPF बिल पर उठाए गंभीर सवाल: कहा- "यह बिल फोर्स का मनोबल गिराने वाला है"

विवेक तन्खा ने राज्यसभा में CAPF बिल पर उठाए गंभीर सवाल: कहा- यह बिल फोर्स का मनोबल गिराने वाला है

भोपाल। राज्यसभा सांसद विवेक के. तन्खा ने 'द सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) बिल 2026' पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि यह बिल न केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को दरकिनार करने की कोशिश है, बल्कि यह हमारे सुरक्षाबलों (CAPF) के अधिकारियों के हक को छीनने जैसा है।

बिल के 'क्लॉज 3' को बताया असंवैधानिक

तन्खा ने बिल के क्लॉज 3 पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके जरिए सरकार नियमों (Rules) के दम पर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पलटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो काम संसद प्राथमिक कानून (Primary Law) के जरिए नहीं कर सकती, उसे केवल एक सरकारी अधिसूचना या नियम के माध्यम से करना पूरी तरह से 'अल्ट्रा-वायरस' (असंवैधानिक) है।

IPS कोटा और कैडर अधिकारियों की अनदेखी

विवेक तन्खा ने तर्क दिया कि CAPF (जैसे CRPF, BSF) में आईजी (IG) स्तर पर पहले से ही कई पद खाली पड़े हैं क्योंकि IPS अधिकारी वहां आने में रुचि नहीं दिखाते। उन्होंने कहा कि जब कैडर अधिकारी सक्षम हैं और आगे बढ़ रहे हैं, तो उन पर IPS अधिकारियों का कोटा थोपना उनके करियर और मनोबल को प्रभावित करेगा।

नक्सल मोर्चे पर जवानों की शहादत का दिया हवाला

भावुक होते हुए तन्खा ने कहा कि नक्सल ऑपरेशंस और सीमाओं की सुरक्षा में ये कैडर अधिकारी ही 'फर्स्ट रिस्पोंडर्स' होते हैं। उन्होंने कहा, "अगर नक्सल ऑपरेशंस में सफलता मिल रही है, तो वह इन अधिकारियों के कंधों की वजह से है।" उन्होंने कवि प्रदीप की पंक्तियां, "हम लाए हैं तूफान से किश्ती निकाल के..." पढ़कर सरकार को याद दिलाया कि इन 'बच्चों' (जवानों और अधिकारियों) को संभाल कर रखने की जरूरत है।

मुख्य मांगें और सुझाव:

  • कमेटी को भेजा जाए बिल: तन्खा ने सुझाव दिया कि इस बिल को और अधिक विचार-विमर्श के लिए एक कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए।
  • स्थानीय समाधान: उन्होंने कहा कि वैधानिक कानून (Statutory Law) लाने के बजाय, खाली पदों को कैडर अधिकारियों से भरने के लिए नियमों में छोटा बदलाव भी किया जा सकता था।
  • IPS लॉबी का दबाव: उन्होंने आशंका जताई कि यह बिल किसी खास लॉबी के दबाव में लाया गया है, जिसने भविष्य के कानूनी परिणामों पर विचार नहीं किया।

Video Link: Watch Vivek K. Tankha's Full Speech

Created On :   30 March 2026 11:53 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story