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Hingoli News: जमीन हड़पने के लिए बेटा बना बाप, आधार पर चिपकाई अपनी फोटो उप-पंजीयक की पैनी नजर ने बिगाड़ा खेल

Hingoli News बसमत जिस पिता ने जन्म दिया उसी की जमीन पर बेटे की नीयत डोल गई। बसमत तहसील में एक बेटे ने पिता की जमीन बेचने के लिए खुद को ही पिता बना लिया। पिता के आधार कार्ड पर अपनी फोटो चिपकाई और रजिस्ट्री कराने पहुंच गया। यह साजिश कामयाब हो जाती अगर उप-पंजीयक की सतर्कता आड़े न आती।
पिता के आधार से छेड़छाड़ खुद बना जमीन का मालिक : म्हातारगांव निवासी नामदेव सुदाम बोखारे ने अपने पिता सुदाम नारायण बोखारे के आधार कार्ड में हेराफेरी कर पिता की फोटो की जगह अपनी तस्वीर लगा दी। फिर खुद को जमीन का मालिक बताकर गट क्रमांक 12/1 की 10 आर खेती की जमीन बेचने के कागजात उप-पंजीयक कार्यालय में पेश कर दिए।
खरीदार भी तैयार था सौदा भी तय हो गया। चालान भरा गया ऑनलाइन फोटो और अंगूठे के निशान लिए गए यहां तक कि गवाहों के हस्ताक्षर भी हो गए। रजिस्ट्री बस कुछ कदम दूर थी।
बारकोड स्कैन ने खोल दी पोल : पड़ताल के दौरान उप-पंजीयक पवन बाबुराव मोरे को कुछ गड़बड़ लगी। उन्होंने आधार कार्ड का बारकोड मशीन से स्कैन कराया तो सच सामने आ गया। नाम किसी और का था और फोटो किसी और की। मोरे ने तुरंत प्रक्रिया रोक दी और गहराई से जांच की तो पूरा फर्जीवाड़ा बेनकाब हो गया।
बेटे समेत तीन पर केस दो पुलिस हिरासत में : मोरे की शिकायत पर बसमत शहर पुलिस ने नामदेव बोखारे किरणसिंग रतनसिंग चव्हाण और वैभव दत्ता धर्माधिकारी (दोनों निवासी बसमत) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दो आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है जबकि फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले की तलाश तेज कर दी गई है। जांच पुलिस निरीक्षक सुधीर वाघ के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक शंकर डेडवाल कर रहे हैं।
क्या बसमत में सक्रिय है फर्जी कागजों का गिरोह? : सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह अकेली घटना है? चर्चा है कि बसमत में फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने वाला पूरा रैकेट सक्रिय है। फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले खरीदार, गवाह बनने वाले और रजिस्ट्री में मदद करने वाले सब पुलिस के रडार पर हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक सुधीर वाघ ने सभी पहलुओं की बारीकी से जांच के निर्देश दिए हैं। उनके मार्गदर्शन में पुलिस इस बात की कड़ी से कड़ी जोड़ रही है कि फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन शामिल है। पुलिस का साफ रुख है कि दोषी चाहे जो हो कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
Created On :   17 Oct 2026 7:18 PM IST














