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संकट: सूखे और कर्ज के संकट में किसानों की आत्महत्याओं ने बढ़ाई चिंता, वडेट्टीवार बोले- महिला किसान की मौत महाराष्ट्र के लिए खतरे की घंटी

- हिंगोली में 20 दिन में 6 किसानों ने दी जान, औंढा नागनाथ में 25 वर्षीय युवा किसान ने भी की आत्महत्या
- वडेट्टीवार ने प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये सहायता और किसानों की कर्जमाफी की मांग की
- शक्तिपीठ हाईवे के खिलाफ किसानों के साथ आंदोलन की चेतावनी, बोले- इच्छा के विरुद्ध जमीन अधिग्रहण बर्दाश्त नहीं
डिजिटल डेस्क, हिंगोली/औंढा नागनाथ. महाराष्ट्र में सूखे और किसान आत्महत्याओं का मुद्दा एक बार फिर गंभीर होता जा रहा है। हिंगोली जिले के दौरे पर पहुंचे कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पिछले 20 दिनों में जिले में 6 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें एक महिला किसान भी शामिल है। महिला किसान की आत्महत्या महाराष्ट्र के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने सरकार से किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की।
वडेट्टीवार ने पत्रकार वार्ता में कहा कि महाराष्ट्र 1972 के बाद के सबसे गंभीर सूखे जैसे संकट का सामना कर रहा है। मराठवाड़ा में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। जलाशयों में पानी नहीं है और कुएं सूख रहे हैं। आने वाले दिनों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है। सरकार को केवल जीआर जारी कर किसानों को राहत देने का दिखावा करने के बजाय प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की तत्काल सहायता घोषित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 1972 के सूखे के दौरान सरकार किसानों के साथ खड़ी रही थी। वर्तमान संकट भी बेहद गंभीर है। सरकार को अल नीनो के संभावित प्रभाव का पहले से अंदाजा था, फिर भी आवश्यक उपाय नहीं किए गए। वडेट्टीवार ने कहा कि वह खेतों में जाकर सूखे की स्थिति देख रहे हैं और आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों से भी मुलाकात कर रहे हैं।
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औंढा नागनाथ तहसील के वागरवाड़ी टांडा में कर्ज और बर्बाद फसल से परेशान युवा किसान ने जान दी
इसी बीच औंढा नागनाथ तहसील के वागरवाड़ी टांडा में 25 वर्षीय किसान आकाश पंढरीनाथ चव्हाण ने बुधवार, 7 अक्टूबर की सुबह अपने खेत के कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया गया कि सूखे के कारण फसल बर्बाद होने और बढ़ते कर्ज से वह परेशान था। आकाश के परिवार के पास मालरान क्षेत्र में करीब 2 एकड़ कृषि भूमि है। बारिश और सूखे की स्थिति के कारण खेत में लगी सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। परिवार पर निजी बैंक तथा महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक का करीब 5 लाख रुपये का कर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बुधवार सुबह आकाश खेत में गया था। आसपास सोयाबीन की कटाई का काम चल रहा था। इसी दौरान खेत के कुएं से पानी लेने पहुंचे मजदूरों को कुएं के किनारे उसकी चप्पलें दिखाई दीं। संदेह होने पर कुएं में देखा गया तो आकाश का शव पानी में दिखाई दिया। घटना की जानकारी उसके पिता को दी गई। शव को कुएं से बाहर निकाला गया। शाम को वागरवाड़ी टांडा में गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। औंढा पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
कर्जमाफी के साथ शक्तिपीठ हाईवे के खिलाफ किसानों के साथ खड़े होने का ऐलान
वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा तो की, लेकिन किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिला। केवल कर्ज पुनर्गठन स्थायी समाधान नहीं है, क्योंकि किसान को भविष्य में यह कर्ज चुकाना ही पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है तो मेहनत करने वाले किसानों का कर्ज माफ करने में सरकार के हाथ-पांव क्यों फूलते हैं। शक्तिपीठ हाईवे का विरोध कर रहे किसानों ने वडेट्टीवार से मुलाकात कर अपनी मांग रखी। इस दौरान किसानों ने उन्हें चटनी और ब्रेड देकर विरोध जताया। वडेट्टीवार ने कहा कि कांग्रेस किसानों की मांग का पूरा समर्थन करेगी और शक्तिपीठ हाईवे के खिलाफ किसानों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी। किसानों की इच्छा के विरुद्ध उनकी जमीन लेने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हिंगोली में छह घंटे की लोडशेडिंग का मुद्दा भी उठाया और सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों से किसानों और आम जनता की समस्याओं पर जवाब मांगने की अपील की। इसके अलावा हिंगोली में हुई विस्फोट की घटना में मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर उन्होंने घायलों और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
Created On :   8 Oct 2026 9:25 PM IST












