Jabalpur News: 5 करोड़ देने के बाद भी रेलवे की बाधा पुल नंबर-2 का काम अभी तक आधा

5 करोड़ देने के बाद भी रेलवे की बाधा पुल नंबर-2 का काम अभी तक आधा
  • जनता को राहत देने शहर के अंदर के रेल ब्रिजों को चौड़ा करने की 6 साल पहले बनी थी योजना
  • विभागों में सामंजस्य न होने से बढ़ रही परेशानी, जाम से हर दिन जूझना पड़ रहा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर के अंदर रेलवे के चार ब्रिज ऐसे हैं, जहां से बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही है। इन रेल ब्रिजों के नीचे से यातायात सुगम बनाने 6 साल पहले योजना तैयार की गई थी। नगर निगम को रेलवे ने बाकायदा बजट तैयार करके दिया, जिसमें से 5 करोड़ रुपए निगम ने रेलवे को दे भी दिए। इस बजट से सिर्फ पुल नंबर-4 की चौड़ाई ही बढ़ पाई।

इसके बाद कोविड आ गया और काम बंद हो गया। जैसे-तैसे पुल नंबर-2 का काम शुरू हुआ लेकिन इसका काम आधा-अधूरा करके छोड़ दिया गया है। अब यहां हर दिन जनता जाम से जूझती रहती है। दो विभागों के बीच आपसी तालमेल न होने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

पुल नंबर-2 के पास ज्यादा समस्या

रेलवे के पुल नंबर-1 इंदिरा मार्केट से सिविल लाइंस की तरफ जाने वाले मार्ग और ब्रिज नंबर-3 जो नागरथ चौक से सदर मार्ग को जोड़ता है, इन दो पुलों के नीचे कोई परेशानी नहीं है। रसल चौक से कटंगा की तरफ जाने वाले ब्रिज नंबर-4 और कलेक्ट्रेट से एम्पायर टॉकीज और मंडला रोड को जोड़ने वाले पुल नंबर-2 में जाम लगने की समस्या थी।

इसमें से पुल नंबर-4 की चौड़ाई तो बढ़ गई लेकिन पुल नंबर-2 का काम अभी भी रुका हुआ है। निगम ने दो, तीन और चार नंबर ब्रिजों की चौड़ाई बढ़ाने के लिए रेलवे से बजट मांगा था।

ऐसी थी पूरी योजना

}वर्ष 2018 में 3 अंडर ब्रिजों की चौड़ाई बढ़ाने की योजना बनी।

}रेलवे ने नगर निगम को 8 करोड़ में काम करने के लिए बजट दिया।

} ननि ने 5 करोड़ 6 साल पहले ही रेलवे को दे दिए।

}ब्रिज नंबर-4 का काम हो गया और फिर कोविड आने पर काम बंद हो गया।

}कोविड के बाद काम शुरू हुआ तो रेलवे ने कहा- अब बजट बढ़कर 10 करोड़ हो गया है।

}निगम ने कहा- अब उन्हें सिर्फ 2 नंबर ब्रिज का काम कराना है।

साढ़े 12 करोड़ लेने हैं निगम को

ननि को रेलवे से सफाई और संपत्ति से जुड़े टैक्स के साढ़े 12 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने हैं। दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी अगर बैठ जायें तो कोई न कोई रास्ता निकलेगा और जनता को राहत मिलेगी।

रेलवे की तरफ से कोई परेशानी नहीं है, पुल नंबर दो के लिए जो एस्टीमेट दिया है उसके बजट को लेकर कोई दिक्कत है, निगम से इस मामले में पत्राचार किया जा रहा है।

शशांक गुप्ता, सीनियर डीसीएम टू रेलवे

हमारे तरफ से पैसे जमा हो गये हैं अब आगे का काम रेलवे को करना है। जनता के हित में रेलवे को इस पुल पर काम करना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और यहां आवागमन सुगम हो सके।

कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री ननि

Created On :   16 March 2026 6:17 PM IST

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