- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जबलपुर
- /
- तिपहियों की मनमानी से जूझकर ही मिल...
Jabalpur News: तिपहियों की मनमानी से जूझकर ही मिल पाता है उपचार

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर में स्थित दो शासकीय अस्पताल ऐसे भी हैं जहां पर इलाज कराने से पहले मरीजों को सवारी ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से जूझना पड़ता है। हम बात कर रहे हैं जिला अस्पताल विक्टोरिया व लेडी एल्गिन हॉस्पिटल की। जहां पर रोजाना सुबह से लेकर देर शाम तक तिपहिए वाहन झुण्ड बनाए खड़े रहते हैं।
इस दौरान उपचार के लिए आने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद नगर निगम, आरटीओ तथा ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं और समस्या जस की तस बनी हुई है।
एम्बुलेंस आसानी से आ नहीं पाती और मरीज भी अंदर जा नहीं पाते
विक्टोरिया और एल्गिन अस्पतालों के मेन गेट व पहुंच मार्ग पर ऑटो तथा ई-रिक्शों के झुण्ड बने रहने से हमेशा ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इतना ही नहीं सवारियों को लेने व उतारने के चक्कर में उक्त तिपहिए वाहन चालक बेहद तेज रफ्तार व लापरवाही से रुकते और रवाना होते हैं। इसी के चलते यहां हमेशा सड़क हादसा होने का खतरा भी बना रहता है।
अनेक बार तो घरों एवं अन्य अस्पतालों से यहां मरीजों को लाने वाली एम्बुलेंस भी आसानी से अंदर नहीं आ पाती हैं। हालात ये हैं कि प्रतिदिन सुबह 8 से लेकर शाम 7 बजे तक इन अस्पतालों के सामने तिपहिए वाहनों की अवैध पार्किंग जैसे हालात बने रहते हैं।
मनमानी के सामने सुरक्षा गार्ड भी हारे
इस संबंध में जब स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की गई, तब उनका कहना था कि कुछ समय पूर्व विक्टोरिया तथा एल्गिन अस्पताल में प्राइवेट तौर पर सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई थी लेकिन मरीजों के लालच में ऑटो व ई-रिक्शा चालक उनसे ही विवाद करने लगते थे।
इतना ही नहीं कई बार तो सुरक्षा गार्ड और तिपहिए चालकों के बीच मारपीट की नौबत भी उत्पन्न हो गई थी, तब पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही विवाद थम सका था।
विक्टोरिया और एल्गिन अस्पतालों के आसपास खड़े होने वाले सवारी ऑटो व ई-रिक्शों पर कार्रवाई की जाती है। जल्द ही एक टीम भेजकर यहां का जायजा लेने के उपरांत पुन: कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार शुक्ला, डीएसपी ट्रैफिक जबलपुर
Created On :   24 March 2026 6:13 PM IST












