Jabalpur News: विवादों में उलझकर खाली पड़े कई जर्जर भवन आसपास रहने वालों पर मंडराता रहता है खतरा

विवादों में उलझकर खाली पड़े कई जर्जर भवन आसपास रहने वालों पर मंडराता रहता है खतरा
नगर निगम ने चिन्हित किए थे 161 जर्जर भवनों में से 58 तोड़े, 103 अभी भी डेंजर

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। बारिश के दौरान जर्जर भवनों के गिरने-ढहने की खबरें आए दिन सुनाई पड़ती हैं, शहर के ज्यादातर जर्जर भवन खाली पड़े हुए हैं। इन जर्जर भवनों के मालिक तो सुरक्षित रहते हैं, लेकिन खतरा आसपास रहने वालों पर हमेशा ही बना रहता है। विगत दिनों बड़ा फुहारा चौक के पास भी ऐसी ही घटना सामने आई थी, जिसमें पांच मंजिला इमारत का सामने वाला हिस्सा ढह गया था। इसी तरह बुधवार को मछरहाई मार्केट में दो मंजिला इमारत के ढहने की घटना भी सामने आई है।

हालांकि राहत की बात ये है कि अभी तक दोनों घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि हर साल की तरह नगर निगम प्रशासन बारिश के पूर्व जर्जर भवनों की सूची तैयार करके नोटिस जारी करता है। इस वर्ष भी निगम प्रशासन ने 161 जर्जर भवनों को चिन्हित कर उनके मालिकों को धारा 309 और 310 न के तहत नोटिस जारी किए थे। इनमें 5 से अतिजर्जर श्रेणी में आने वाले 58 भवनों को तोड़ा जा चुका है, लेकिन अभी भी 103 ऐसे भवन हैं, जो गिरने की कगार पर हैं।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि निगम की टीम द्वारा की गई जांच में यह बात भी सामने आई है कि ज्यादातर जर्जर भवन पारिवारिक विवाद के कारण कानूनी दांव-पेंच में उलझे हुए हैं, जिसके कारण उनका निराकरण नहीं हो पा रहा है। हालांकि नगर निगम की भवन शाखा की टीम सतत मॉनिटरिंग करती रहती है और जिन जर्जर भवनों की स्थिति ज्यादा खराब होती है, उन्हें नियमों के तहत तोड़ दिया जाता है।

दूसरे शहरों में रह रहे कुछ परिवार

ननि भवन शाखा से मिली जानकारी के अनुसार शहर के कई जर्जर भवन ऐसे भी हैं, जिनमें किसी भी तरह का विवाद नहीं है, लेकिन उनके मालिक या तो जीवित नहीं हैं या दूसरे शहरों में बस चुके हैं। ऐसे लोगों को निगम की तरफ से कई नोटिस भेजे जा चुके हैं।

Created On :   23 Aug 2026 5:51 PM IST

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