Jabalpur News: एक लाइसेंस पर ही चल रही हैं जिले में कई अवैध आरा मशीनें

एक लाइसेंस पर ही चल रही हैं जिले में कई अवैध आरा मशीनें
प्रतिबंधित और अवैध लकड़ियों के कारोबार से जंगलों को हो रहा नुकसान, जिम्मेदार मौन

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिले में आरा मशीनों का कारोबार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वन विभाग की उदासीनता के चलते अवैध आरा मशीनों का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। पाटन, शहपुरा, पनागर, सिहोरा, मझौली और जबलपुर शहरी क्षेत्रों की स्थिति यह है कि एक ही लाइसेंस की आड़ में दो-दो और चार-चार आरा मशीनें संचालित की जा रही हैं।

खास बात ये है कि सरकार द्वारा करीब दस साल पहले ही नई आरा मशीनों के लाइसेंस जारी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद अवैध संचालन थमने का नाम नहीं ले रहा है। जांच के अभाव में इन अवैध आरा मशीनों पर धड़ल्ले से प्रतिबंधित और अवैध लकड़ियों का कारोबार चल रहा है, जिससे जंगलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी पर भरोसा करें तो जिले में 70 से ज्यादा अवैध आरा मशीनें संचालित हो रही हैं।

शहर के भीतर भी कई स्थान हैं जहां इन अवैध गतिविधियों को आसानी से देखा जा सकता है। यदि नियमानुसार जांच की जाए तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। लकड़ी माफिया और आरा मशीन संचालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जबकि वन विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं।

समय-समय पर होती है जांच

जिले में 350 से ज्यादा आरा मशीनें लाइसेंस के साथ संचालित हो रही हैं, जिनकी समय-समय पर जांच कराई जाती है, कार्रवाई भी होती है और बिना लाइसेंस आरा मशीनें संचालित करने वालों के खिलाफ अभियान चला कर जांच कराई जा रही है।

-पुनीत सोनकर डीएफओ, जबलपुर

Created On :   24 Aug 2026 5:13 PM IST

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