Jabalpur News: दुनिया को खाद्य संकट से बचा सकता है सुपरफूड स्पिरुलिना

दुनिया को खाद्य संकट से बचा सकता है सुपरफूड स्पिरुलिना
JNKVV में विश्व खाद्य दिवस पर खाद्य सुरक्षा और स्पाइरुलिना आधारित उत्पाद पर चर्चा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। स्पिरुलिना एक ऐसा सुपरफूड है जिसके उपयोग से हम दुनिया को खाद्य संकट से बचा सकते हैं। स्पिरुलिना पोषक तत्वों से समृद्ध एक महत्वपूर्ण खाद्य संसाधन है। इसके उपयोग से पौष्टिक खाद्य उत्पाद विकसित करने, खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य में वृद्धि करने तथा नवाचार आधारित उत्पाद की बेहद संभावनाएं हैं। स्पिरुलिना का उपयोग खाद्य प्रसंस्करण, पोषण संवर्धन, अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान कर सकता है। यह एक प्रकार का शैवाल है जो खारे और मीठे पानी की झीलों में होता है।

उपरोक्त विचार विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ विकास सिंह चौहान, मुख्य वैज्ञानिक ने व्यक्त किए। कार्यक्रम में कुलपति डॉ प्रमोद कुमार मिश्रा मुख्यअतिथि रहे, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ धीरेन्द्र खरे ने अध्यक्षता की और अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ अल्पना सिंह का मार्गदर्शन रहा।

विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिष्ठाता उद्यानिकी संकाय डॉ स्वाती बारचे, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ एके जैन उपस्थित रहे। डॉ पीके मिश्रा ने अपने उ‌द्बोधन में सतत कृषि उत्पादन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। आपने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विभिन्न क्षेत्रों में जारी युद्धों एवं भू-राजनीतिक तनावों के कारण खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, कृषि उत्पादन और खाद्य उपलब्धता के समक्ष नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं।

ऐसी परिस्थितियों में खाद्य संकट से निपटने के लिए कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनानाए प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना तथा खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ धीरेन्द्र खरे ने खाद्य पदार्थों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण, पोषण संवर्धन और मूल्य संवर्धन के महत्व पर चर्चा की।

Created On :   16 Oct 2026 8:12 PM IST

Tags

Next Story