फसल बर्बादी: पालकमंत्री भोसले ने औसा तहसील में फसल नुकसान का लिया जायजा, खरीफ फसलों पर गहराता संकट

पालकमंत्री भोसले ने औसा तहसील में फसल नुकसान का लिया जायजा, खरीफ फसलों पर गहराता संकट
  • कम बारिश के कारण खरीफ फसलों पर संकट
  • पालकमंत्री तथा सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने लिया जायजा
  • बोरफल और आशीव शिवार का दौरा कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया

डिजिटल डेस्क, लातूर। जिले में कम बारिश के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहराता जा रहा है। फसल बर्बादी और सूखे जैसे हालात को लेकर किसानों की चिंता के बीच गुरुवार शाम करीब 6 बजे जिले के पालकमंत्री तथा सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने औसा तहसील के बोरफल और आशीव शिवार का दौरा कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया।

पालकमंत्री ने बोरफल में किसान व्यंकट यादव और आशीव में किसान अजय जगताप के खेतों में पहुंचकर सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि करीब दो महीने से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसलों को आवश्यक पानी नहीं मिल पाया है। कई खेतों में सोयाबीन और अन्य फसलें सूखने लगी हैं, जिससे खरीफ सीजन पर संकट खड़ा हो गया है।

भोसले ने किसानों से सीधे संवाद कर फसल नुकसान, बारिश की स्थिति और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसान मुश्किल में हैं और ऐसी स्थिति में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी भी परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

पालकमंत्री ने कहा कि फसल नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए अधिकारियों का खेतों तक पहुंचना जरूरी है। किसानों की समस्याओं और नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस दौरान विधायक अभिमन्यु पवार, पूर्व विधायक दिनकरराव माने, जिलाधिकारी भारत बास्टेवाड, एसडीओ अविनाश कोरडे, तहसीलदार घनश्याम अडसूळ सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा

जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की पहली विशेष बैठक में जिलाध्यक्ष अभय सालुंके ने जिले में सूखे जैसे हालात को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान, खेत मजदूर और पशुधन संकट में हैं। कांग्रेस के पदाधिकारी अगले पांच दिनों में गांव-गांव जाकर खेतों का जायजा लेंगे और वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद तहसील स्तर पर किसानों की मांगों का ज्ञापन दिया जाएगा। सालुंके ने कहा कि किसानों को राहत मिलने और पशुओं के चारा-पानी का संकट दूर होने तक कांग्रेस तहसील, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर आंदोलन करेगी। बैठक में मसलगा पाटी पर सूखा राहत की मांग को लेकर रास्ता रोको आंदोलन करने वाले किसानों पर दर्ज मामलों का भी विरोध किया गया। कांग्रेस ने इन मामलों को तत्काल और बिना शर्त वापस लेने की मांग की।

Created On :   18 Sept 2026 8:42 PM IST

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