Latur News: महीने से बारिश का इंतजार खेत सूखे, किसान भड़के पालकमंत्री के सामने बोले- अब तो मदद करो!

महीने से बारिश का इंतजार खेत सूखे, किसान भड़के पालकमंत्री के सामने बोले- अब तो मदद करो!
  • सूखी फसलें लेकर पहुंचे किसान, कहा- हालात ऐसे कि किसानों पर मरने की नौबत
  • दुष्काल घोषित करने की मांग पर सरकार से सवाल- 28 दिन का बारिश खंड पूरा, फिर भी फैसला क्यों नहीं?

Latur News लातूर जिले में बारिश की लंबी बेरुखी ने किसानों का गुस्सा सड़कों तक पहुंचा दिया है। खरीफ फसलें सूखने से परेशान किसानों ने गुरुवार को पालकमंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले के सामने अपनी व्यथा रखी। किसानों ने खेतों में हुए नुकसान की स्थिति दिखाते हुए तत्काल आर्थिक मदद और जिले में सूखा घोषित करने की मांग की। एक किसान ने आक्रोश जताते हुए कहा किसानों पर मरने की नौबत आ गई है सरकार हमारी हालत देखे।

किसानों के आक्रोश के बीच पालकमंत्री ने नुकसान का जायजा लेने और फसलों के पंचनामे कराने का भरोसा दिया। उन्होंने किसान दास सोलंके को समझाते हुए कहा कि प्रशासन के माध्यम से फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और पंचनामों के आधार पर किसानों को आवश्यक सहायता दिलाने के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

किसानों का सवाल- महीनों से बारिश नहीं, फिर किस बात का इंतजार?

किसानों का कहना है कि जिले के कई हिस्सों में लंबे समय से बारिश नहीं हुई है। खेतों में नमी खत्म हो गई है और खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब लगातार बारिश का खंड बना हुआ है और फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो सूखा घोषित करने में देरी क्यों की जा रही है?दुष्काल मूल्यांकन में बारिश की कमी और लगातार बारिश न होने की अवधि महत्वपूर्ण संकेतक माने जाते हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय केवल बारिश के खंड के आधार पर नहीं होता। फसल की स्थिति, मिट्टी की नमी, पानी की उपलब्धता और अन्य तकनीकी मानकों का भी आकलन किया जाता है।

पालकमंत्री बोले- तकनीकी अड़चन, 30 नवंबर तक लौटते मानसून पर नजर

पालकमंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने कहा कि इस साल एल-निनो के कारण जिले में बारिश कम हुई है और खरीफ फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। शासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि दुष्काल घोषित करने में कुछ तकनीकी अड़चनें हैं। एनडीआरएफ के निकष पूरे होने के बावजूद 30 नवंबर तक लौटते मानसून की स्थिति देखने के बाद सूखे के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि लौटते मानसून की बारिश कम रही तो जिले में पानी की स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी को देखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का पानी पीने के लिए आरक्षित रखा गया है। पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था की भी तैयारी की जा रही है। पालकमंत्री ने नागरिकों से पानी का इस्तेमाल बेहद सावधानी और किफायत से करने की अपील की।

‘बलीराजा के साथ सरकार’ का भरोसा : मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के मुख्य शासकीय समारोह में ध्वजारोहण के बाद पालकमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना का जिले के 63,127 किसानों को लाभ मिला है। इस अवसर पर सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, सांसद डॉ. शिवाजी कालगे, जिलाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड, पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे, जिला परिषद अध्यक्ष उषाताई पाटील सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।


Created On :   17 Sept 2026 4:42 PM IST

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