पैसों की बारिश - अघोरी अनुष्ठान: अंधविश्वास का खौफनाक खेल, नाबालिग को छुड़ा पुलिस ने ऐन वक्त पर किया पूरे मामले का पर्दाफाश - तीन राज्यों से जुड़े तार

Third Party
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  • लक्ष्मी पूजा के नाम पर नाबालिग को कथित अघोरी अनुष्ठान में शामिल करने की कोशिश
  • आधी रात जंगलनुमा इलाके में जुटे 15 लोग, चार राज्यों तक फैले तार
  • महाराष्ट्र के साथ तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के आरोपियों पर केस

Latur News. रात के सन्नाटे में ‘पैसों की बारिश’ कराने का कथित अंधविश्वासी खेल शुरू होने वाला था। दावा था कि लक्ष्मी पूजा और विशेष अनुष्ठान के जरिए रातों-रात धन की बरसात होगी। लेकिन इससे पहले ही पुलिस पहुंच गई और इस कथित अघोरी अनुष्ठान की पूरी तैयारी का पर्दाफाश हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस कथित अनुष्ठान में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को शामिल करने की कोशिश की जा रही थी। मामला 16 अगस्त की रात करीब 2 बजे लातूर-उदगीर मार्ग पर करडखेल पाटी के पास का है। उदगीर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों के तार महाराष्ट्र के अलावा तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक से जुड़े बताए जा रहे हैं।

लक्ष्मी पूजा की आड़ में ‘पैसों की बारिश’ का खेल

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि अलग-अलग स्थानों से लोग करडखेल पाटी के पास पहुंचे थे। यहां कथित तौर पर लक्ष्मी पूजा और विशेष अनुष्ठान की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान नाबालिग लड़की को भी कथित अनुष्ठान में इस्तेमाल करने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। प्रकरण में महाराष्ट्र नरबलि एवं अन्य अमानवीय, अनिष्ट और अघोरी प्रथा तथा जादूटोना प्रतिबंधक अधिनियम, 2013 की धारा 3(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अपराध क्रमांक 577/2026 दर्ज किया गया है।

चार राज्यों से जुड़े 15 आरोपी, रात में जुटे थे

पुलिस के अनुसार मामले में महाराष्ट्र के साथ तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के आरोपी शामिल हैं। दर्ज आरोपियों में कुंडलीक देवराव रूपनर, सचिन साहेबराव भोंगले, अनिकेत सुभाष राठोड, समीर टिनघरे, लक्ष्मण विठ्ठल करंजी, सनेश सुकुमार पनिके, दुर्गाप्रसाद मल्लेश ईरकला, श्रीनिवास विरख्या चिलमुला, बालाजी रघुनाथराव बिरादार, चंद्रया सुंदरराव कारम, अनंतराव गंगाराम खुनिकार, राजेश मोगली ईपन्नापल्ली, सुनील कल्याण डेंगले, राजू सेवु पवार और बालाजी शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनुष्ठान की योजना किसने बनाई थी, नाबालिग को इसमें शामिल करने का प्रयास किसके कहने पर हुआ और ‘पैसों की बारिश’ के नाम पर आखिर कौन-सा कथित अनुष्ठान किया जाना था।

पॉक्सो लगने से जांच और गंभीर, पुलिस खंगाल रही पूरी साजिश

नाबालिग से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने पॉक्सो की धाराएं भी जोड़ी हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संपर्क, मोबाइल फोन और गतिविधियों की पड़ताल कर यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी एक व्यक्ति की भूमिका थी या पूरा गिरोह इस कथित अंधविश्वासी अनुष्ठान में शामिल था।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ‘पैसों की बारिश’, जादूटोना या किसी विशेष पूजा से अचानक धन मिलने जैसे दावों के झांसे में न आएं। अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं और बच्चों को किसी भी अनुष्ठान में शामिल करना गंभीर अपराध है। ऐसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक दिलीप गाडे के नेतृत्व में उदगीर ग्रामीण पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Created On :   17 Aug 2026 7:51 PM IST

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