किसानों को पानी दिलाने पूर्व विधायक डॉ. रायमुलकर का बेमियादी अनशन शुरू, किसानों पर बढ़ा आर्थिक संकट

डिजिटल डेस्क, मेहकर. किसानों की फसलों को बचाने के लिए पेटाकली बांध से कैनाल में पानी छोड़ने की मांग को लेकर पूर्व विधायक डॉ. संजय रायमुलकर ने सोमवार, 2 नवंबर से बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने पैनगंगा नदी पर बने पेटाकली बांध के नदी पात्र में बैठकर आंदोलन शुरू किया। उनका कहना है कि कम बारिश के कारण खेतों में फसलें मुरझा रही हैं और जमीन सूख रही है। इसके बावजूद प्रशासन किसानों की समस्या पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रहा है।
प्रशासन के फैसले का इंतजार करते-करते शुरू किया आंदोलन
पूर्व विधायक रायमुलकर ने बताया कि क्षेत्र के किसान पिछले कई दिनों से कैनाल में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने पहले भी किसानों के हित में पानी छोड़ने की मांग उठाई थी और समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। अब किसानों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने बेमियादी अनशन शुरू किया है।
पानी मिलने से किसानों के साथ व्यापार को भी मिलेगी राहत
डॉ. रायमुलकर ने कहा कि इस वर्ष कम बारिश के कारण किसान पहले ही संकट से जूझ रहे हैं। उन्हें आगामी फसलों की चिंता सता रही है। ऐसे में कैनाल में पानी नहीं छोड़ा गया तो खेती की स्थिति और खराब हो सकती है। इसका असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों और तहसील के व्यापारिक कारोबार पर भी आर्थिक संकट गहराएगा। उन्होंने कहा कि खेतों के लिए बांध में जो पानी आरक्षित रखा गया है, उसे किसानों की फसलों के लिए छोड़ा जाना चाहिए। यह पानी किसानों के लिए अमृत और संजीवनी साबित हो सकता है। इससे फसलें बचेंगी, किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और पूरे तहसील क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनके खेतों के लिए आरक्षित पानी उपलब्ध कराने की मांग पूरी होने तक उनका बेमियादी अनशन जारी रहेगा।
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