Mumbai News: भोंदू बाबा अशोक ख़रात का अवैध साम्राज्य बेनकाब, मनी लॉन्ड्रिंग केस में 11 ठिकानों पर ईडी का छापा

भोंदू बाबा अशोक ख़रात का अवैध साम्राज्य बेनकाब, मनी लॉन्ड्रिंग केस में 11 ठिकानों पर ईडी का छापा
  • नासिक, शिरडी और पुणे में एक साथ कार्रवाई, दस्तावेज, डिजिटल सबूत जब्त,
  • महिलाओं के शोषण और फर्जी खातों से करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
  • बेटे और सीए के खिलाफ भी मिले अहम सुराग

Mumbai News महाराष्ट्र के नासिक से संचालित कथित भोंदू बाबा अशोक खरात के अवैध साम्राज्य पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा प्रहार किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने सोमवार सुबह नासिक, शिर्डी और पुणे में कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें नासिक के 5, शिरडी के 3 और पुणे के 3 ठिकाने शामिल हैं।इस कार्रवाई में ख़रात के ठिकानों, रिश्तेदारों के परिसरों, कारोबारी ठिकानों और संबंधित सहकारी संस्थाओं को खंगाला गया। तलाशी के दौरान ईडी ने बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सबूत और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिससे इस पूरे नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

फर्जी खातों से करोड़ों का खेल

ईडी की जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने सुनियोजित तरीके से फर्जी बैंक खातों का जाल बिछाया था। नासिक की दो सहकारी क्रेडिट सोसायटियों में अलग-अलग लोगों के नाम पर खाते खुलवाए गए, लेकिन हर खाते में नॉमिनी खुद खरात था।इन सभी खातों से उसका मोबाइल नंबर लिंक किया गया था, जिससे वह पूरे सिस्टम को खुद कंट्रोल करता था। इन्हीं खातों के जरिए ठगी, उगाही और कथित धार्मिक सेवाओं के नाम पर वसूली गई रकम को इधर-उधर घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी। ईडी को शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन के संकेत मिले हैं।

बेटे और सीए के जरिए काली कमाई को सफेद करता था ख़रात

ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध रूप से कमाई गई रकम को प्रॉपर्टी और जमीनों में निवेश किया गया। इसमें खरात के बेटे और उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोफले की भूमिका सामने आई है। ईडी को ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो बताते हैं कि किस तरह काली कमाई को वैध निवेश के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। अब ईडी इन सभी निवेशों और संपत्तियों की गहराई से जांच कर रही है।

आस्था के नाम पर ठगी का जाल

ईडी के अनुसार, अशोक खरात खुद को चमत्कारी बाबा बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह आम चीजों जैसे ताबीज, राख, पानी को आशीर्वादित बताकर बेचता और दावा करता कि इससे बीमारियां ठीक हो जाएंगी या जीवन की समस्याएं खत्म हो जाएंगी। लोगों की आस्था और डर का फायदा उठाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी, जो बाद में इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा बनती थी।

महिलाओं के शोषण का सनसनीखेज खुलासा

मामले का सबसे गंभीर पहलू महिलाओं के शोषण से जुड़ा है। ईडी की जांच में सामने आया है कि विशेष पूजा और इलाज के नाम पर महिलाओं को बुलाया जाता था। इस दौरान उन्हें नशीले पदार्थ देकर उनका शारीरिक शोषण किया जाता था। कई मामलों में पीड़ितों को धमकाकर और ब्लैकमेल कर चुप कराया गया, जिससे यह नेटवर्क लंबे समय तक बिना रोक-टोक चलता रहा। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि 11 जगहों पर की गई छापेमारी में मिले दस्तावेज और डिजिटल डेटा अब जांच का आधार बनेंगे। यह मामला केवल ठगी या मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित अपराध, यौन शोषण और वित्तीय हेरफेर का बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है। ईडी अब बैंक ट्रांजैक्शन, संपत्तियों और पीड़ितों के बयानों के जरिए इस पूरे रैकेट की परतें खोलने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस भोंदू बाबा के नेटवर्क से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। विदित हो कि इस मामले में ईडी ने 26 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी।


Created On :   13 April 2026 7:34 PM IST

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