Mumbai News: राकांपा (शरद) कोर कमेटी बैठक, दोनों राकांपा के विलय की अटकलों पर फुलस्टॉप

राकांपा (शरद) कोर कमेटी बैठक, दोनों राकांपा के विलय की अटकलों पर फुलस्टॉप
कोर कमेटी की बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और ओबीसी के मुद्दे पर सरकार पर हमला

Mumbai News राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद) की कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के विलय की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे और वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने साफ कहा कि बैठक में विलय पर कोई चर्चा नहीं हुई। पार्टी संगठन में बदलाव, नए नेताओं को मौका देने और अक्टूबर के बाद राज्यव्यापी दौरों की रणनीति पर मंथन हुआ। शनिवार को मुंबई में हुई बैठक में शशिकांत शिंदे, हर्षवर्धन पाटील, अनिल देशमुख, जितेंद्र आव्हाड, सुप्रिया सुले, निलेश लंके और अमोल कोल्हे समेत प्रमुख नेता मौजूद रहे। विधायक रोहित पवार व्यक्तिगत काम से विदेश दौरे पर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए।

मुख्यमंत्री सुपर बॉस हैं, यह साबित हो गया: शिंदे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच कथित खींचतान पर शशिकांत शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने यह साबित कर दिया है कि सरकार में वही सुपर बॉस हैं। वहीं आंतरवाली सराटी गांव में मराठा आरक्षण आंदोलक मनोज जरांगे-पाटील के शनिवार से शुरू हुए आंदोलन को लेकर शशिकांत शिंदे ने कहा कि उनकी कुछ मांगों को लेकर सरकार ने आश्वासन दिया था और चार मंत्री उनसे चर्चा कर रहे हैं। अब सरकार को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। जबकि नागपुर समेत राज्य के विभिन्न आदिवासी छात्रावासों में विद्यार्थियों के आंदोलन का मुद्दा भी बैठक में उठा।

ओबीसी के लिए चुनाव आयोग से मिलेंगे

अनिल देशमुख ने जाति आधारित जनगणना की प्रश्नावली पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि प्रश्नावली में एससी और एसटी के लिए कॉलम है लेकिन ओबीसी समाज के लिए जाति आधारित जानकारी दर्ज करने का अलग कॉलम नहीं है। इससे ओबीसी समाज की वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं हो पाएगी। पार्टी इस मांग को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात करेगी और ओबीसी समाज के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग रखेगी।

एसआईआर, लाडली बहन और पेपर लीक पर सरकार से सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जितेंद्र आव्हाड ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एसआईआर फार्म की मूल प्रति भाजपा कार्यकर्ताओं के पास कैसे पहुंची? उन्होंने आशंका जताई कि इससे मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की संभावना पैदा होती है। इसके अलावा आव्हाड ने महंगाई, बेरोजगारी और कर्जमाफी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना योजना में करीब एक करोड़ महिलाओं के नाम कम किए गए हैं जो महिलाओं के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्जमाफी का प्रचार कर रही है, लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग है। आव्हाड ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार गंभीर नहीं है।

Created On :   29 Aug 2026 8:17 PM IST

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