विधान परिषद: विस्फोटक कंपनियों के नियमों में होगा संशोधन, स्त्री बीज तस्करी के आरोपियों पर मकोका, फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाले 316 कर्मी निलंबित

विस्फोटक कंपनियों के नियमों में होगा संशोधन, स्त्री बीज तस्करी के आरोपियों पर मकोका, फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाले 316 कर्मी निलंबित
  • विप में विपक्षी विधायकों ने उठाया नागपुर के फैक्टरी धमाके का मामला
  • स्त्री बीज तस्करी के आरोपियों पर मकोका लगाया जाएगा- योगेश कदम

Mumbai News. विस्फोटक बनाने वाली कंपनियों के जांच के लिए नियमों में संशोधन के लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा। विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी दी। बुधवार को विधान परिषद में कांग्रेस विधायक अभिजीत वंजारी, रांकापा (शरद) विधायक शशिकांत शिंदे और शिवसेना (उद्धव) विधायक सचिन अहिर ने नागपुर के कटोल तहसील के राउलगांव में एसबीएल एनर्जी की फैक्टरी में धमाके की घटना का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि नागपुर की फैक्टरी में धमाके से 19 कर्मियों की मौत हो गई है। जबकि 17 कर्मी जख्मी हुए हैं। इस घटना में 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसमें से कंपनी के प्रबंधक समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बार हुई घटना के बाद सभी कंपनियों का ऑडिट किया गया था। लेकिन काटोल की फैक्टरी में अतितीव्र ज्वलनशील पदार्थ तैयार होता है। विस्फोटक कंपनियों के नियम साल 2008 में बनाए गए हैं। इसमें मूलभूत बदलाव करने की आवश्यकता है। अतितीव्र ज्वलनशील पदार्थ को संभालने की प्रक्रिया ऑटोमेशन के जरिए करने का प्रयास किया जा जाएगा।

स्त्री बीज तस्करी के आरोपियों पर मकोका लगाया जाएगा- योगेश कदम

बदलापुर में स्त्री बीज (एग) के तस्करी मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में लिप्त डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई करने का विचार है। विधान परिषद में प्रदेश के गृह राज्य मंत्री (शहरी) योगेश कदम ने यह आश्वासन दिया। बुधवार को भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए बदलापुर में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं का बीज निकालकर तस्करी किए जाने का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में कदम ने कहा कि बदलापुर जैसी घटना पर लगाम लगाने के लिए विशेष दस्ते की स्थापना की जाएगी। राज्य की आईवीएफ क्लीनिक की नियमित जांच की जाएगी।

फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाले 316 कर्मी निलंबित

राज्य की 28 जिला परिषदों में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र और 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने के बावजूद नौकरी कर रहे 316 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। विधान परिषद में प्रदेश के दिव्यांग कल्याण मंत्री अतुल सावे ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। भाजपा विधायक श्रीकांत भारतीय, भाजपा विधायक अमित गोरखे और भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने इस संबंध में लिखित सवाल पूछा था। सावे ने बताया कि राज्य की 28 जिला परिषदों में कुल 10 हजार 922 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। जिसमें से 6 हजार 218 अधिकारियों और कर्मचारियों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र की जांच की गई थी। इस जांच में प्रमाणपत्र नहीं होने, फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र और 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 316 अधिकारी और कर्मचारी पाए गए हैं। इन 316 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, अनुशासनात्मक, दिए गए लाभ की वसूली आदि की कार्रवाई की गई है।

Created On :   4 March 2026 9:04 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story