विधानसभा: राज्य के सरकारी ब्लड बैंकों में 15 हजार से ज्यादा ब्लड बैग एक्सपायरी की वजह से हुआ खराब

राज्य के सरकारी ब्लड बैंकों में 15 हजार से ज्यादा ब्लड बैग एक्सपायरी की वजह से हुआ खराब
  • स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कबूला
  • सरकारी ब्लड बैंकों में 15 हजार से ज्यादा ब्लड बैग एक्सपायरी की वजह से हुआ खराब
  • वर्ष 2025 में 3.23 लाख यूनिट रक्त संग्रह

Mumbai News. राज्य के सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त प्रबंधन को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। राज्य के 77 सरकारी रक्त केंद्रों में वर्ष 2025 के दौरान 15 हजार 521 यूनिट रक्त उपयोग से पहले ही नष्ट करना पड़ा। इनमें सबसे बड़ी वजह रक्त की एक्सपायरी रही। हालांकि राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर का कहना है कि रक्त की बर्बादी का प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों से कम है। यह जानकारी आबिटकर ने विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

वर्ष 2025 में 3.23 लाख यूनिट रक्त संग्रह

आबिटकर के अनुसार वर्ष 2025 में राज्य के 77 सरकारी रक्त केंद्रों में 3 लाख 93 हजार यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इनमें से 15 हजार 521 यूनिट रक्त विभिन्न कारणों से उपयोग योग्य नहीं रहने के कारण नष्ट करना पड़ा। मंत्री ने बताया कि कुल नष्ट हुए रक्त में 9 हजार 78 यूनिट दूषित पाए जाने या उपयोग के योग्य नहीं रहने के कारण तथा 6 हजार 443 यूनिट रक्त की निर्धारित समय सीमा (एक्सपायरी) समाप्त होने के कारण नष्ट हुआ। राज्य में रक्त की बर्बादी का प्रतिशत 1.63 प्रतिशत है, जो केंद्र सरकार द्वारा तय 4 प्रतिशत की सीमा से काफी कम है।

किन कारणों से खराब हुए ब्लड बैग?

• एक्सपायरी (समय सीमा समाप्त होने) के कारण: 6,178 यूनिट

• रक्त संक्रमण पाए जाने के कारण: 4,048 यूनिट

• रक्त बैग से रिसाव : 499 यूनिट

• रक्त की मात्रा निर्धारित स्तर से कम होने के कारण: 4,047 यूनिट

• रक्त के थक्के बनने या हेमोलाइसिस के कारण: 415 यूनिट

• रक्त का रंग बदलने के कारण: 78 यूनिट

• अन्य तकनीकी कारण, जैसे लिपेमिक, इक्टेरिक या अन्य गुणवत्ता संबंधी समस्याएं: 256 यूनिट

सरकार ने बताई एक्सपायरी की वजह

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि रक्त की अधिकतम शेल्फ लाइफ 35 दिन होती है। इसलिए इस अवधि के भीतर रक्त का उपयोग करना आवश्यक होता है। लेकिन रक्त केंद्रों के लिए यह पहले से अनुमान लगाना संभव नहीं होता कि किस रक्त समूह की कितनी मांग कब आएगी। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, बड़ी सर्जरी, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों को देखते हुए सभी प्रमुख रक्त समूहों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना अनिवार्य होता है। इसी कारण कुछ यूनिट समय पर उपयोग नहीं हो पातीं और उनकी एक्सपायरी हो जाती है। सरकार ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए गुणवत्ता मानकों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता। जिन रक्त यूनिटों में संक्रमण, गुणवत्ता संबंधी कमी या अन्य तकनीकी खामियां पाई जाती हैं, उन्हें मरीजों को चढ़ाने के बजाय तत्काल नष्ट कर दिया जाता है।

Created On :   1 July 2026 9:01 PM IST

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