गठबंधन पर सवाल: विधान परिषद चुनाव में दोनों गठबंधनों में सीटों पर घमासान, पुणे और अमरावती में दावेदारों ने बढ़ाई मुश्किलें

विधान परिषद चुनाव में दोनों गठबंधनों में सीटों पर घमासान, पुणे और अमरावती में दावेदारों ने बढ़ाई मुश्किलें
  • महायुति में भाजपा, शिंदे और अजित गुट के बीच पुणे शिक्षक सीट पर खींचतान
  • महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस ने अमरावती से आदिति पोहरे को उतारकर बढ़ाया पेच
  • दोनों गठबंधनों में आमने-सामने उम्मीदवार उतरे तो गठबंधन की एकजुटता पर उठेंगे सवाल

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी, दोनों गठबंधनों में सीटों के बंटवारे को लेकर पेच फंसता दिखाई दे रहा है। पुणे शिक्षक सीट पर महायुति के तीनों घटक दलों के दावे ने जहां नेतृत्व की परेशानी बढ़ाई है, वहीं अमरावती शिक्षक सीट पर कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव) के अलग-अलग उम्मीदवार सामने आने से महाविकास आघाड़ी में भी टकराव की स्थिति बन गई है।

महायुति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा पवार के बीच हुई चर्चा के बाद पांच सीटों के लिए 3:1:1 के फॉर्मूले पर सहमति बनने की बात सामने आई है। इसके तहत भाजपा को तीन, जबकि शिंदे और अजित पवार गुट को एक-एक सीट मिलने की चर्चा है। हालांकि पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा, शिवसेना (शिंदे) और राकांपा (अजित) तीनों ने दावा किया है। भाजपा नेता चंद्रकांत पाटील पहले ही पुणे की शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर दावा जता चुके हैं। शिंदे गुट की ओर से मंगेश चिवटे और सचिन सानप के नाम चर्चा में हैं।

उधर, अमरावती शिक्षक सीट पर शिवसेना (उद्धव) ने डी.एस. लहाने को पहले ही उम्मीदवार घोषित कर दिया है। अब कांग्रेस की ओर से आदिति पोहरे को मैदान में उतारने की तैयारी ने गठबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पोहरे गुरुवार को कांग्रेस में शामिल हुईं और इसके बाद उनकी उम्मीदवारी की चर्चा तेज हुई। दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने आने की स्थिति में पिछले लोकसभा चुनाव के सांगली पैटर्न की चर्चा शुरू हो गई है। अब दोनों गठबंधनों के नेतृत्व के सामने सीटों पर सहमति बनाने की चुनौती है।

Created On :   1 Oct 2026 10:00 PM IST

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