निशाना: शरद पवार के पत्र पर बावनकुले का पलटवार, बोले- सूखे का राजनीतिकरण करने की जरूरत नहीं

शरद पवार के पत्र पर बावनकुले का पलटवार, बोले- सूखे का राजनीतिकरण करने की जरूरत नहीं
  • सात-आठ दिन में सर्वेक्षण रिपोर्ट आने की उम्मीद
  • मंत्रियों और विधायकों को क्षेत्र का दौरा करने के निर्देश
  • अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए नए नियम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के नेता शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य में सूखे की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की है। इस पत्र को लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सूखे के मुद्दे पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति का आकलन कर रही है और किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सात-आठ दिन में सर्वेक्षण रिपोर्ट आने की उम्मीद

पत्रकारों से बातचीत के दौरान बावनकुले ने कहा कि उन्हें शरद पवार का पत्र मिला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछली मंत्रिमंडल बैठक में ही संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दे दिए थे।

सूखे जैसी स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। सभी जिलाधिकारियों, राहत एवं पुनर्वास विभाग और कृषि विभाग को पंचनामा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब सात-आठ दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

केंद्र से मांगी जाएगी आर्थिक मदद

बावनकुले के अनुसार, पंचनामे पूरे होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर केंद्र सरकार को आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार भी अपने स्तर पर किसानों की मदद करेगी। सूखे से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री किसानों की स्थिति को लेकर संवेदनशील हैं। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर राहत उपायों पर निर्णय लिया जाएगा।

मंत्रियों और विधायकों को क्षेत्र का दौरा करने के निर्देश

राजस्व मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, पालकमंत्रियों, विभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को सूखे की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। विधायकों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों की समस्याएं सुनने को कहा गया है। सूखे की गंभीरता का आकलन करने के बाद ही राहत संबंधी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चारा छावनियों में पिछली बार हुए कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए इस बार अनियमितताएं रोकने का आश्वासन दिया।

अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए नए नियम

बावनकुले ने गौण खनिजों के संबंध में नए नियम लाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन पर रोक लगाने के साथ नागरिकों को घर बनाने के लिए आवश्यक रेत प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान की जाएगी। सरकार को इससे करीब 25 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाने संबंधी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर उन्होंने कहा कि किसानों को पांच गुना मुआवजा दिया जाएगा और यह परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

Created On :   18 Sept 2026 5:28 PM IST

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