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सेहत: पायरिया की अनदेखी से हो सकता है दिल को खतरा, डेंटल हास्पिटल में चल रहा अध्ययन

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दांतों से जुड़ी बीमारी पायरिया की अनदेखी करने पर दिल को खतरा हो सकता है। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल में इसकी आशंका को देखते हुए अध्ययन किया जा रहा है। दंत चिकित्सालय के डॉ. वैभव कारेमोरे ने बताया कि चूंकि पायरिया में दर्द नहीं होता, इसलिए इसकी अनदेखी की जाती है। जबकि पायरिया से हड्डी गलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हड्डियां गलना, दांतों का हिलना, मुंह से दुर्गंध आना आदि की शिकायत होने पर मरीज अस्पताल में आता है। दंत चिकित्सालय में आने वाले कुल 200 मरीजों में 50 फीसदी यानि 100 मरीज पायरिया के शिकार होते हैं।
शासकीय दंत महाविद्यालय में हो रहा अध्ययन : डॉ. कारेमोरे ने बताया कि इसे रोकने के लिए दांतों की नियमित देखभाल, मसूढों की सफाई व समय-समय पर जांच जरूरी है। हृदय में संक्रमण की अति होने पर हृदय रोग से संबंधित अन्य बीमारियां होने का खतरा भी है। हालांकि अभी तक ऐसा मामला सामने नहीं आया है। इस पर भी विश्व भर में अध्ययन चल रहा है। शासकीय दंत चिकित्सालय में आने वाले सामान्य पायरिया मरीजों का उपचार अधिकतम 3 महीने में हो जाता है, वहीं यह बीमारी बढ़ने पर सर्जरी कर 6 महीने में स्वास्थ्य सुधार हो सकता है।
बैक्टीरिया स्ट्रेप्टोकॉकस करता है हृदय को संक्रमित : दांतों की हडि्डयां गलाने में स्ट्रेप्टोकॉकस नामक बैक्टीरिया प्रमुख कारण होता है। अब तक जहां- जहां रिसर्च हुआ है, वहां इस बैक्टीरिया को हृदय को संक्रमित करने वाला बताया गया है। इसके आधार पर नागपुर के दंत महाविद्यालय व अस्पताल में आने वाले पायरिया के मरीजों पर अध्ययन किया जा रहा है। दंत परिवेक्षण विभाग द्वारा अब तक जितने मरीजों पर अध्ययन किया गया, उसमें यह बात सामने आई है कि यदि पायरिया का समय पर उपचार नहीं किया गया, तो हड्डी गलाने वाला बैक्टीरिया स्ट्रेप्टोकॉकस हृदय तक पहुंचकर उसे संक्रमित कर सकता है। रक्त संचार की सर्वाधिक तेज गति और शुद्धिकरण प्रक्रिया हृदय में ही होती है। इसलिए स्ट्रप्टोकॉकस का संक्रमण वहां होने की आशंका अधिक होती है।
Created On :   6 March 2024 12:43 PM IST













