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साइबर जाल बना जी का जंजाल: शादी की पत्रिका बनकर आयी APK फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हुआ हैक और सवा 6 लाख की चपत लगी सो अलग

Nagpur News. साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामले में एक वेकोली कर्मी को शादी की डिजिटल पत्रिका (Wedding Invitation) के नाम पर APK फाइल भेजी गई। जैसे ही उन्होंने उसे डाउनलोड किया, मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से 6.12 लाख रुपए निकाल लिए गए।
पुलिस के अनुसार, पांडे ले-आउट, खामला निवासी नरेश ठाकरे (52) वेकोली में कार्यरत हैं। 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच उन्हें उनके मित्र लुंबेश इटनकर के मोबाइल नंबर से शादी की पत्रिका भेजी गई। नरेश ने इसे सामान्य निमंत्रण समझकर डाउनलोड कर लिया। जांच में सामने आया कि वह वास्तव में APK (एंड्रॉयड एप्लिकेशन पैकेज) फाइल थी, जिसे इंस्टॉल करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
इसके बाद अपराधियों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, वेकोली कॉलोनी, उमरेड शाखा में स्थित नरेश के खाते से 6 लाख 12 हजार रुपए ऑनलाइन दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। खाते से रकम निकलने का संदेश मिलने पर नरेश को ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने पहले नरेश के मित्र का मोबाइल या व्हाट्सएप अकाउंट हैक किया और उसी के नंबर से भरोसा जीतने के लिए यह फाइल भेजी। इसी वजह से नरेश को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक लेनदेन के आधार पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है।
क्या होती है APK फाइल?
APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने की फाइल होती है। यदि यह फाइल किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध लिंक के माध्यम से भेजी गई हो, तो इसमें मैलवेयर (हानिकारक सॉफ्टवेयर) छिपा हो सकता है, जो मोबाइल का डेटा, बैंकिंग जानकारी और ओटीपी तक चुरा सकता है।
सावधानी जरूरी
- व्हाट्सएप, एसएमएस या सोशल मीडिया पर आई APK फाइल कभी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- केवल Google Play Store जैसे अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें।
- किसी परिचित के नंबर से भी संदिग्ध फाइल आए तो पहले फोन कर पुष्टि करें।
- बैंक खाते से अनधिकृत लेनदेन होने पर तुरंत बैंक, 1930 साइबर हेल्पलाइन और निकटतम साइबर पुलिस थाने में शिकायत करें।
Created On :   4 Aug 2026 7:15 PM IST











