Nagpur News: 25 छात्रावासों और 2 आवासीय स्कूलों की भोजन व्यवस्था पर कोर्ट सख्त, कहा- दें पूरा ब्योरा

25 छात्रावासों और 2 आवासीय स्कूलों की भोजन व्यवस्था पर कोर्ट सख्त,  कहा- दें पूरा ब्योरा
  • भोजन में कीड़े, लार्वा और सेफ्टी पिन मिलने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
  • सरकारी प्रावधानों के अनुसार पौष्टिक आहार मिल रहा या नहीं, शपथपत्र में बताना होगा
  • सरकार का पिछला जवाब केवल दो आवासीय स्कूलों तक सीमित, अगली सुनवाई 11 सितंबर को

Nagpur News मागासवर्गीय विद्यार्थियों के सरकारी छात्रावासों में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी जनहित याचिका याचिकाकर्ता ने वापस लेने की अर्जी दी है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने इसका संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नागपुर विभाग के 25 सरकारी छात्रावासों और 2 आवासीय स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने वाला शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।

भीम आर्मी के सदस्य प्रशांत मिलिंद बनसोड ने याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति रजनीश व्यास के समक्ष सुनवाई हुई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि छात्रावासों में विद्यार्थियों को घटिया भोजन दिया जा रहा है। भोजन में कीड़े, लार्वा और सेफ्टी पिन मिलने के साथ ही बासी चिकन और मिलावटी पतला दूध दिए जाने का भी दावा किया गया था। सरकार के 6 नवंबर 2023 के निर्णय के अनुसार विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन, नाश्ता, फल, रोजाना दो अंडे, सप्ताह में दो बार मांसाहार और 200 मिलीलीटर टेट्रापैक दूध दिया जाना अपेक्षित है। याचिका में इन प्रावधानों का उचित पालन नहीं होने का दावा किया गया था।

कोर्ट ने पहले भी छात्रावासों और आवासीय स्कूलों की वर्तमान स्थिति तथा समस्याओं की जानकारी मांगी थी। हालांकि, सरकार का शपथपत्र केवल दो आवासीय स्कूलों तक सीमित था। कोर्ट ने अब सभी 25 छात्रावासों और 2 स्कूलों की भोजन व्यवस्था का ब्योरा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

Created On :   28 Aug 2026 4:08 PM IST

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