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Nagpur News: बाप्पा के उत्सव से नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की करेंगे मदद

Nagpur News शहर के अंबाझरी क्षेत्र में गणेशोत्सव अब सिर्फ आस्था और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण बन रहा है। ‘Gen Z मंडल’ के नाम से पहचान बना चुके स्वराज्य गणेश उत्सव मंडल के ‘नवसाला पावणारा अंबाझरीचा मोरया' मंडल ने इस वर्ष गणेशोत्सव की दान राशि नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के सहयोग के लिए देने का निर्णय लिया है। मंडल में 350 से अधिक युवा सक्रिय हैं और आयोजन की पूरी जिम्मेदारी भी बखूबी संभालते हैं। वर्ष 2023 में शुरू हुए इस मंडल ने महज तीन वर्षों में क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस वर्ष भी इस मंडल के बाप्पा का भव्य आगमन ढोल-ताशा पथक के साथ हुआ। उत्सव का प्रमुख आकर्षण 20 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा है, जिसे मूर्तिकार सचिन चव्हाण ने साकार किया है। सजावट में छत्रपति शिवाजी महाराज की थीम के जरिए इतिहास, शौर्य और स्वराज्य का संदेश दिया जा रहा है।
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डीजे नहीं बजता, सिर्फ ढोल-ताशा
स्वराज्य मंडल की खासियत केवल इसकी युवा टीम ही नहीं, बल्कि उत्सव मनाने का उसका तरीका भी है। मंडल अध्यक्ष पृथ्वीराज सपकाल के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से मंडल नियमों का पालन करते हुए आयोजन कर रहा है और अब तक कभी डीजे नहीं लगाया गया। आवश्यक अनुमति के साथ निर्धारित डेसिबल सीमा में साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। उनका कहना है कि तेज आवाज वाले डीजे से ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ रोजगार का दायरा भी सीमित रहता है, जबकि ढोल-ताशा पथक में 200 से अधिक कलाकारों को अवसर मिलता है। इससे एक ओर कलाकारों को मंच मिलता है, तो दूसरी ओर पारंपरिक वाद्य और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत भी जीवंत रहती है। युवाओं का उत्साह, ढोल-ताशों की गूंज और पारंपरिक उत्सव का रंग इस आगमन को खास बनाने वाला है।
आस्था और उम्मीद का प्रतीक
अंबाझरी के नागरिकों की आस्था और गणराया से जुड़े व्यक्तिगत अनुभवों ने इस गणेश प्रतिमा को ‘नवसाला पावणारा अंबाझरीचा मोरया’ नाम दिया। कम समय में ही यह गणराया क्षेत्र के श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हो गए और हर वर्ष दर्शन के लिए आने वालों की संख्या बढ़ रही है। इस बार 20 फीट के बाप्पा के साथ मंडल की सबसे बड़ी पहचान उसकी सोच संकट में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने की है। 350 से ज्यादा युवाओं द्वारा संचालित यह मंडल यह संदेश देता है कि युवा शक्ति केवल उत्सव की भीड़ बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी एकजुट हो सकती है।
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Created On :   15 Sept 2026 5:06 PM IST










