उप्पलवाड़ी के फ्लैट से निकला जहर का साम्राज्य, 7 किलो एमडी ड्रग्स बरामद, तस्कर गिरफ्तार

उप्पलवाड़ी के फ्लैट से निकला जहर का साम्राज्य, 7 किलो एमडी ड्रग्स बरामद, तस्कर गिरफ्तार
  • लंबे समय बाद ड्रग्स के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई
  • जरीपटका पुलिस की डीबी स्क्वाड को मिली सफलता
  • 6.80 करोड़ रुपए की खेप जब्त
  • महिला मित्र के साथ किराए के फ्लैट में रह रहा था आरोपी
  • युवाओं को बना रहा था नशे का शिकार

Nagpur News. संतरानगरी में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए जरीपटका पुलिस की डीबी स्क्वाड ने 7 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स पाउडर जब्त किया है। बरामद नशीले पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपए आंकी गई है। इसे नागपुर में लंबे समय बाद ड्रग्स के खिलाफ हुई सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

यह कार्रवाई कपिलनगर थाना क्षेत्र के उप्पलवाड़ी स्थित एसडीपीएल फ्लैट में की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में डीबी स्क्वाड के अधिकारी आशीष मोरखड़े और उनकी टीम ने छापेमारी कर यह सफलता हासिल की।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मजहर अली अकबर अली (32) निवासी टेका नई बस्ती, पांचपावली के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी उप्पलवाड़ी के एक किराए के फ्लैट में अपनी महिला मित्र के साथ रह रहा था। पुलिस को संदेह है कि इसी फ्लैट का इस्तेमाल नशीले पदार्थों के भंडारण और वितरण के लिए किया जा रहा था।

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स एक रिहायशी इलाके के फ्लैट तक कैसे पहुंची और स्थानीय स्तर पर इसकी भनक क्यों नहीं लग सकी। हालांकि पुलिस फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

गुप्त सूचना से खुला करोड़ों के कारोबार का राज

पुलिस सूत्रों के अनुसार जरीपटका थाने की डीबी स्क्वाड को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि शहर में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी की।

संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने उप्पलवाड़ी स्थित फ्लैट पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पैकेटों की जांच में करीब 7 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी से संकेत मिल रहे हैं कि आरोपी किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खेप नागपुर तक कहां से पहुंची और इसे आगे किन शहरों या राज्यों में भेजा जाना था।

युवाओं को बना रहा था नशे का शिकार

एमडी (मेफेड्रोन) को अत्यंत खतरनाक सिंथेटिक नशीला पदार्थ माना जाता है। हाल के वर्षों में युवाओं के बीच इसकी मांग बढ़ी है और पार्टी कल्चर की आड़ में इसका अवैध कारोबार फैलता जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि यह खेप बाजार तक पहुंच जाती तो बड़ी संख्या में युवक-युवतियां इसकी चपेट में आ सकते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार 7 किलोग्राम एमडी से हजारों खुराक तैयार की जा सकती हैं। इसी कारण इस कार्रवाई को केवल एक जब्ती नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

महिला मित्र की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस अब आरोपी के साथ रहने वाली महिला मित्र की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसे फ्लैट में रखे गए करोड़ों रुपए मूल्य के नशीले पदार्थ की जानकारी थी या नहीं।

इसके अलावा फ्लैट किराए पर लेने की प्रक्रिया, वहां आने-जाने वाले लोगों, आरोपी के आर्थिक स्रोतों तथा उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी किसी बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

फिलहाल 6.80 करोड़ रुपए मूल्य की एमडी ड्रग्स जब्त कर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि एक साधारण दिखने वाले किराए के फ्लैट के भीतर करोड़ों रुपए के नशीले पदार्थों का इतना बड़ा जखीरा आखिर कैसे संचालित हो रहा था।

Created On :   31 May 2026 6:54 PM IST

Tags

Next Story