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महंगाई की मार: स्कूलों की ब्रांडिंग से बढ़ा बोझ - बैग और टिफिन की कीमतों में जबरदस्त उछाल

Nagpur News. उपराजधानी में सभी स्कूल 30 जून से शुरू होंगे। अब केवल 7 दिन शेष है, लेकिन अभिभावकों ने बच्चों के लिए स्कूल बैग, किताबें और स्टेशनरी की खरीदारी शुरू कर दी। स्कूल बैग और अन्य सामग्री के दामों में भारी वृद्धि से अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। पिछले वर्ष जो स्कूल बैग 150 रुपए में मिल जाता था, उसके दाम इस बार 200 से 250 रुपए तक पहुंच गए हैं। टिफिन बैग की कीमतें भी 70 रुपए से बढ़कर 100 से 150 रुपए तक हो गई हैं। व्यापारियों के अनुसार इस बार स्कूल बैग और अन्य स्कूली सामग्री के दामों में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
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स्टेशनरी भी हुई महंगी
स्टेशनरी की कीमतों में भी 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर प्लास्टिक से बने उत्पादों के दाम ज्यादा बढ़े हैं। 200 पेज का रजिस्टर लगभग 55 रुपए में और 400 पेज का रजिस्टर 150 रुपए में मिल रहा है। बढ़ती कीमतों के चलते इस बार बाजार में ग्राहकों की संख्या कम दिखाई दे रही है। व्यापारियों का कहना है कि अब तक वैसी भीड़ नहीं है, जैसी हर साल स्कूल खुलने से पहले देखने को मिलती थी।
बढ़ी लागत बनी वजह
स्टेशनरी विक्रेता ब्रजेश गुप्ता के अनुसार, इस बार सभी सामान महंगे हो गए हैं। युद्ध के कारण डीजल के दाम बढ़े हैं और उत्पादन व परिवहन लागत में भी वृद्धि हुई है। इसके चलते कीमतें बढ़ाना मजबूरी है। ग्राहक जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं।
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स्कूलों की ब्रांडिंग से बढ़ा बोझ
यह भी चर्चा में है कि कई स्कूल अपने ब्रांडेड बैग, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खुद ही उपलब्ध करा रहे हैं। आरोप है कि जो बैग बाजार में 200 रुपए का मिलता है, वही स्कूलों द्वारा 500 से 800 रुपए में दिया जा रहा है। इससे खुदरा दुकानदारों को नुकसान हो रहा है और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले महंगाई ने अभिभावकों और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। इससे इस बार स्कूल की तैयारी पहले से ज्यादा खर्चीली हो गई है।
Created On :   24 Jun 2026 7:30 PM IST












